एनआईए अधिकारी तंजील अहमद हत्याकांड में दबोचा गया मुख्य आरोपी मुनीर अपनी फरारी के समय लंबे समय तक अवध क्षेत्र के एक बाहुबली विधायक के फार्म हाउस में छिपा था। यह बात मुुनीर और उससे जड़े लोगों से पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में परत दर परत निकल कर आ रही हैं। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक एटा जेल में बंद रहे एक विधायक के एक करीबी के जरिए मुनीर अवध क्षेत्र के इस बाहुबली के संपर्क में आया था।
एसटीएफ की टीम मुनीर की तलाश में इस फार्म हाउस तक गई थी। लेकिन वहां मुनीर इनके हाथ नहीं लगा था। पुलिस विभाग के मुताबिक अलीगढ़ में मुनीर और उसके साथी आशुतोष मिश्रा को शरण देने वाला हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र सिंह अलीगढ़ जेल में बंद है। इसी दौरान अवध क्षेत्र की जेल में बंद बाहुबली विधायक का एक करीबी ट्रांसफर होकर एटा जेल गया। यहीं पर उसकी मुलाकात अशुतोष और अलीगढ़ के कई अन्य अपराधियों से हुई थी। इस दौरान फरार मुनीर और जेल में बंद अशुतोष के बीच सूचनाओं के आदान प्रदान का काम मुनीर का साथी सऊद कर रहा था। चूंकि सऊद भी पूर्वांचल से ताल्लुक रखता है। इसी संपर्क के माध्यम से मुनीर को कई बार बाहुबली विधायक के फार्म हाउस में फरारी कटवाई। मुनीर के साथी अतीउल्लाह और शादाब की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की टीम को मुनीर के इस फार्म हाउस में रुकने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एसटीएफ की टीम इस फार्म हाउस पर पहुंची थी। इस दौरान कई बड़े माफियाओं और अपराधियों ने भी मुनीर से संपर्क करने की कोशिश की। अलीगढ़ के कालू ने एक मीडिएटर को मुुनीर से मिलवाने के लिए पांच लाख रुपये का ऑफर दिया।