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सहालग 1 नवंबर से: इस बार शादियों में मेहमानों को खाना खिलाना होगा महंगा, केटरिंग-मैरिज होम बुकिंग के बढ़े दाम

Sat, 25 Oct 2025 03:23 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सहालग में भरपूर बुकिंग है। यह भी एक कारण है कि मैरिज होम बुकिंग की अच्छी कीमत मिल रही है। अन्य सेक्टरों में भी कैटरिंग से लेकर आयोजन से जुड़े अन्य कारीगरों की भी मांग है।
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एक मैरिज होम का सजा द्वार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक नवंबर से शुरू हो रहे शादी विवाहों के सीजन में इस बार मेहमानों को खाना खिलाना महंगा होगा। क्योंकि घी, चीनी, दाल बेसन से लेकर मैरिज होम की बुकिंग और फूलों की सजावट में भी वर्ष 2024 के मुकाबले 15 फीसदी तक महंगाई है। मैरिज होम संचालकों का कहना है कि सहालग में भरपूर बुकिंग है। यह भी एक कारण है कि मैरिज होम बुकिंग की अच्छी कीमत मिल रही है। अन्य सेक्टरों में भी कैटरिंग से लेकर आयोजन से जुड़े अन्य कारीगरों की भी मांग है।

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केटरिंग : प्रति प्लेट या मेहमानों की संख्या, दाम बढ़ेंगे ही 
अलीगढ़ केटर्स एसोसिएशन के महामंत्री अभिषेक वार्ष्णेय कहते हैं कि खाद्य सामग्री के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ गए हैं। इसके कई कारण हैं। इसमें उत्पादन से लेकर परिवहन तक है। जाहिर है प्रति प्लेट या मेहमानों की संख्या के आधार पर जिस मानक पर भी बुकिंग की जाएगी, उसमें वृद्धि होगी। नहीं होने पर केटर्स को नुकसान होगा।

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खाद्य सामग्री- दाम 2024- दाम 2025 (स्रोत: अलीगढ़ केटर्स एसोसिएशन)

घी (देसी) - 7800 - 9000 (15 किलो टिन)
चीनी - 4100 - 4500 (प्रति क्विंटल)
आटा - 27 - 32 (प्रति किलो)
मैदा - 30 - 35
बेसन - 80 - 95
रिफाइंड- 2200 - 2350 (प्रति 15 लीटर)
पनीर - 280 - 360- प्रति किलो
दूध - 56 - 65 - प्रति किलो
मावा - 280 - 340 - प्रति किलो
(इसके अलावा अलग-अलग दाल और चावल के रेट भी 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं)

40 हजार से तीन लाख रुपये तक की बुकिंग
अलीगढ़ टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगा कहते हैं कि इस बार एक नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक अच्छा सहालग है। बुकिंग अच्छी है। कुछ मैरिज होम हैं, जिनकी बुकिंग की राशि 40 से 50 हजार तक है। इसमें खास इजाफा नहीं हुआ है। लेकिन कुछ बड़े बैंक्वेट हॉल हैं, जिनकी बुकिंग ही तीन लाख रुपये से शुरू होती है, उनके दाम जरूर बढ़े हैं। यहां पर आप बाहर से केटर, डीजे, सजावट वाला आदि नहीं ला सकते हैं।

बढ़ गई आर्टिफिशियल फूलों की मांग
फ्लॉवर डेकोरेटर्स एसोसिएशन के अमित वार्ष्णेय कहते हैं कि आर्टिफिशियल फूलों और अन्य सजावटी आयटम की मांग बढ़ी है। यह खराब नहीं होते। पिछले वर्ष इनका प्रति पीस 100 रुपये था तो अब यह 125 रुपये तक है। यह सारा माल दिल्ली से आता है। जहां तक असली फूलों की बात है तो इनके दाम उसी दिन तय होते हैं, लेकिन अभी दिवाली के बाद इनके दाम भी चढ़े हुए हैं।

इन फूलों की रहती है मांग
गुलदाउजी, आर्चिड, गुलाब, बेला, रजनीगंदा, स्वागत द्वार बनाने से लेकर स्टेज और मंडप में इस्तेमाल होता है।
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