अलीगढ़ महानगर के देहली गेट के नगला मेहताब में विधि छात्र अरुण कुमार ने शुक्रवार दोपहर अपने घर में जहर खाकर जान देने की कोशिश की है। इससे पहले युवक ने फेसबुक पर लाइव आकर भाजपा नेता संजू बजाज व उसके भाई आदि पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और इसे आत्मघाती कदम उठाने के पीछे वजह बताया।
अरुण ने एक दिन पहले थाना देहली गेट पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल युवक का नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। पुलिस जांच में जुटी है।
घटनाक्रम के अनुसार नगला मेहताब निवासी अनुसूचित युवक अरुण कुमार पांच भाई बहनों में सबसे बड़े और बीएएलएलबी के छात्र हैं, साथ ही दीवानी में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के पास वकालत का काम काज भी सीखने जाते हैं।
दोपहर करीब एक बजे वह घर में ऊपर बने कमरे में पहुंचे और करीब सात मिनट का फेसबुक पर लाइव वीडियो चलाया, जिसके अंत में वह आत्महत्या करने की वजह बताते हुए जहर की पुड़िया भी दिखा रहा है। लाइव खत्म करते ही उसने जहर खा लिया।
लाइव देख रहे उसके कुछ साथी भागकर उसके घर पहुंचे, तब उसकी मां व परिजनों को अरुण के यह कदम उठाने की जानकारी मिली। आनन फानन उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अरुण की मां सरोज देवी ने भी मीडिया के समक्ष संजू व उसके भाई आदि द्वारा परेशान करने, उसी से आहत होकर बेटे द्वारा यह कदम उठाने का आरोप लगाया है।
फेसबुक लाइव में कहा-एलएलबी करने से चिड़ने लगे थे भाजपा नेता
अरुण ने फेसबुक पर जहर खाने से ठीक पहले लाइव वीडियो में अपने इस कदम की वजह बताई है और कहा है कि अगर उसकी मृत्यु होती है तो भाजपा महानगर मंत्री एडवोकेट संजू बजाज, उनके भाई अमित बजाज और भाजपा कार्यकर्ता योगेश माहौर जिम्मेदार होंगे।उसने यह भी कहा है कि उसके एलएलबी करने से ये लोग चिड़ने लगे थे।
लाइव में अरुण ने कहा है कि करीब एक डेढ़ वर्ष पहले तक वह संजू के साथ ही रहकर काम करता था। उनके कार्यालय खोलने से लेकर बंद करने व उसकी सफाई करने तक का काम करता था। एक बार अरुण ने संजू के समक्ष वकालत करने की इच्छा जता दी। तभी से वे उससे चिढ़ने लगे।
बाद में उसने बीएएलएलबी में दाखिला भी ले लिया। फिर उसने दीवानी जाना शुरू कर दिया। बस उसके बाद से संजू व उसका भाई उसके पीछे पड़ गए। संजू के भाई ने एक बार दीवानी में व एक बार एक कार्यक्रम में पीटा भी था। उसने तमाम लोगों से शिकायत की, लेकिन मदद नहीं मिली।
अरुण ने कहा कि आए दिन संजू का भाई मिलने पर उसे गाली देता है। जातिसूचक बोलकर अपमानित करता है। कई बार संजू से कहा तो उसने भी कोई सुनवाई करने के बजाय उल्टा धमका दिया। झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे।
इसी क्रम में 21 अक्तूबर को वह थाने में एक प्रकरण में किसी की मदद में तहरीर लिखवाने गया था। वहां योगेश माहौर ने उससे अभद्रता की। इसके बाद उल्टा उसके ही खिलाफ मारपीट का एक मुकदमा बृहस्पतिवार को दर्ज करा दिया।
ये लिखा गया मुकदमा
यह मुकदमा भाजपा कार्यकर्ता योगेश माहौर ने लिखवाया है, जिसमें भाजपा एससी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष राजकुमार राजा, अरुण, सुनील, अजीत मुंडे नामजद हैं। मुकदमे में आरोप है कि 21 अक्तूबर को वह किसी मामले में तहरीर लिख रहे थे। तभी नामजदों ने थाने आकर नेतागिरी करने की बात कहते हुए मारपीट आमादा होकर धमकी दी। बाद में थाने से बाहर निकलने पर देखने की धमकी दी। वह किसी तरह थाने से बचकर अपने घर पहुंचे। इसी मामले में बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज किया गया है।
अरुण ने सिर्फ मुकदमे से बचने के लिए अन्य आरोपियों संग साजिश रचकर मुझे फंसाने का कुचक्र रचा है। उसने चूहे मारने की दवा खाई है। हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस यह भी पता करे कि किसके कहने पर उसने यह कदम उठाया है।-संजू बजाज, भाजपा महानगर मंत्री
21 अक्तूबर को थाने में दो पक्ष आए थे। उनमें विवाद हुआ, जिसके सीसीटीवी साक्ष्य के आधार पर अरुण व उसके पक्ष के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ है। अरुण पक्ष ने भी उस विवाद में तहरीर दी थी, जिसकी जांच की जा रही है। रहा सवाल अरुण द्वारा जहर खाने से पहले संजू व उसके भाई आदि पर आरोप लगाने का तो उसमें कई पुराने प्रकरण भी बताए गए हैं, उनके साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। अरुण या उसका परिवार जो लिखकर देगा, उसमें साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-मयंक पाठक, सीओ प्रथम