अधिकारियों के साथ बैठक करती माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ।
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उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि कोरोना काल में जो अभिभावक फीस जमा करने में अक्षम हैं, वह विद्यालय प्रबंध समिति को फीस माफी के लिए आवेदन करें, ताकि जांच के बाद फीस माफ की प्रक्रिया पूरी हो सके।
मंगलवार को वह लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में विभागीय कार्यों की समीक्षा करने आई थीं। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट जानी। राज्यमंत्री मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति छोटे से बड़े तक विद्यार्थियों की रुचि को देखकर तैयार की गई है। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि योगी सरकार की यही मंशा है कि कोई भी विद्यार्थी इस विपदा काल में शिक्षा से वंचित न होने पाए। एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर कोई संस्था फीस न जमा करने पर बच्चे को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित कर रहा है तो इसकी जांच विभागीय अधिकारी करेंगे। शिकायत सच पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी जाएगी। इस अवसर पर जेडी माध्यमिक शिक्षा डॉ. जीके मलिक, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा सहित हाथरस, एटा व कासगंज के शिक्षाधिकारी मौजूद रहे।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने हाथरस के चंदपा में अनुसूचित जाति की युवती के साथ दुष्कर्म, मारपीट और उसकी मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस काम कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस मामले में हीलाहवाली बरतने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच की प्रक्रिया होती है। चंदपा की बेटी को लेकर बॉलीवुड में उठ रही आवाज पर राज्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में आवाजें उठती हैं और उठनी भी चाहिए, लेकिन कानून अपने हिसाब से काम करता है न कि किसी के बातों में आकर। इसलिए सबको कानून पर भरोसा रखना चाहिए।