अलीगढ़-बरेली पैसेंजर में जेबकट और लुटेरों का खौफ खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को ट्रेन में सवार एक युवती के हाथ से शातिर मोबाइल छीन कर चलती गाड़ी से कूद गया। फिर क्या था युवती ने भी शातिर को पकड़ने के लिए ट्रेन से छलांग लगा दी। जिसके बाद युवती का पिता भी चलती ट्रेन से कूद गया। यात्रियों ने जब यह नजारा देखा तो चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया। घटना में पिता-पुत्री दोनों घायल हो गए।
वहीं शातिर मोबाइल लेकर फरार हो गया। दिलचस्प बात ये रही कि घटना के दौरान पूरी ट्रेन में कोई भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। जिसने रेल प्रशासन के यात्री सुरक्षा और सुविधा के दावे की पोल खोल दी।घटना के चश्मदीद मोनू निवासी बेगमबाग और नीरज शर्मा निवासी संगम बिहार ने बताया कि रविवार को वह सुबह 4.30 बजे राजघाट जाने के लिए बरेली पैसेंजर में सवार हुए। गोधा स्टेशन से ट्रेन निकलते ही एक लुटेरे ने ट्रेन में सवार युवती के मोबाइल पर झपट्टा मारा और बाहर कूद गया। उसके पीछे पहले युवती और फिर उसका पिता भी कूद गया। जब तक शातिर वहां से फरार हो गया था।
घटना में दोनों पिता-पुत्री घायल हो गए। ट्रेन में मौजूद उनकी दो अन्य बहनों ने यात्रियों की मदद से ट्रेन रुकवाई। घायलों को ट्रेन में लेकर अतरौली स्टेशन पर उतार दिया। जहां उन्होंने इलाज लिया। पूरी घटना के समय ट्रेन में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। बरेली पैसेंजर में आए दिन इस तरह की लूट-छिनैती की घटनाएं होती रहती है। जिस पर जीआरपी और आरपीएफ नकेल कसने में विफल दिखाई देती है। इस संबंध में जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक समर बहादुर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। अभी पीड़ित की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले में जांच कर मोबाइल लुटेरे को पकड़ा जाएगा। ट्रेनों में सुरक्षा एवं गस्त बढ़ायी जाएगी ।