फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाबालिग बरामद: जिसके अपहरण में पिता-पुत्र को हो गई जेल, वह बुलंदशहर में नौकरी करती मिली, जानें पूरा वाकया

Sun, 04 Apr 2021 07:02 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

  • पॉलीग्राफी जांच की तैयारी में थी पुलिस
  • कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने पिता-पुत्र को भेजा जेल 
  • न्यायालय में दर्ज कराए जाएंगे बयान 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ के लोधा क्षेत्र के जिस हलवाई की नाबालिग बेटी के अपहरण का शोर मचा हुआ था, उसे पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। वह बुलंदशहर में एक कपड़े की दुकान पर काम करते मिली। खास बात है कि इस किशोरी के अपहरण में हलवाई ने पिता-पुत्र को नामजद कर जेल भिजवा दिया था और वे दोनों आज भी जेल में हैं। अब तक पुलिस किशोरी के न मिलने के कारण उनकी पॉलीग्राफी जांच कराने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
विज्ञापन


यह वाकया 25 सितंबर 2020 की दोपहर करीब दस बजे का है, जब 11वीं में पढऩे वाली किशोरी घर से अचानक गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा तो पिता ने लोधा थाने में देहली गेट जलालपुर के रहने वाले गुरुग्राम की कंपनी में नौकरी कर रहे युवक व उसके पिता पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे में आरोप था कि उनकी बेटी इस युवक से अक्सर बात करती थी। अपने पिता की मदद से उसी युवक ने बेटी को अगवा किया है। इस आरोप और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर इलाका पुलिस ने पिता-पुत्र को जेल भेज दिया। 

किशोरी की बरामदगी को लेकर इलाके में जबर्दस्त आक्रोश था
हालांकि वे दोनों कहते रहे कि किशोरी के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मगर किशोरी की बिना बरामदगी के दोनों को जेल भेज दिया गया। इधर, इस घटना में किशोरी की बरामदगी को लेकर इलाके में जबर्दस्त आक्रोश था। कई बार थाने से लेकर एसएसपी दफ्तर तक पर खूब प्रदर्शन हुए। किशोरी की बरामदगी को लेकर पुलिस आज भी प्रयासरत थी और जेल गए पिता पुत्र सहित चार संदिग्धों की पॉलीग्राफी कराने की तैयारी कर रही थी।
विज्ञापन


सर्विलांस की मदद से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा
इसे लेकर सीबीआई मुख्यालय की फॉरेंसिक लैब से 22-23 अप्रैल की तारीख भी मिल गई थी। इसी बीच तीन-चार दिन पहले पुलिस को सर्विलांस की मदद से एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। इस सुराग के आधार पर एसओ लोधा अभय कुमार ने जब काम शुरू किया तो शुक्रवार शाम किशोरी को बुलंदशहर के एक कपड़े की दुकान से नौकरी करते समय पकड़ लिया और यहां ले आई। किशोरी को फिलहाल मेडिकल परीक्षण व उम्र सत्यापन आदि के लिए रखा गया है। सोमवार को उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। बयानों व न्यायालय के निर्देश के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा।

न्यायालय में बयान होंगे दर्ज
छात्रा क्यों, कैसे और किसके साथ गई, यह तथ्य अभी न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद ही उजागर होंगे। मगर पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक की बातचीत में उसने स्वीकारा है कि वह खुद अपनी मर्जी से गई थी। बुलंदशहर में उसे एक कपड़े की दुकान पर 4500 रुपये प्रतिमाह की नौकरी मिल गई। वहीं कमरा भी किराये पर मिल गया। वह वहीं रहकर नौकरी करने के साथ एक कंप्यूटर सेंटर से कंप्यूटर ट्रेनिंग भी ले रही थी। युवती के इस बयान की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी यही कह रहे हैं कि न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। मगर इतना जरूर है कि अगर ऐसा है तो क्या अपहरण में जेल भेजे गए पिता पुत्र को राहत मिल सकती है। 

यह बात सही है कि लोधा से गायब किशोरी बुलंदशहर से मिल गई है। उसके मेडिकल परीक्षण आदि कराए जा रहे हैं। न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाने के बाद इस मुकदमे में अग्रिम कार्रवाई तय होगी। अगर जेल गए पिता-पुत्र निर्दोष पाए जाएंगे तो उस अनुसार न्यायालय की अनुमति पर कदम उठाया जाएगा। -कुलदीप सिंह गुणावत
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें