शहर की कावेरी एन्क्लेव सोसाइटी में शुक्रवार रात बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर दीक्षा नागपाल के पिता विनीत नागपाल (64) ने शुक्रवार रात फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने कैंसर के दर्द व खराब किडनी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है।
विनीत नागपाल मूलरूप से सिविल लाइंस क्षेत्र के मधेपुरा के रहने वाले थे और वर्तमान में परिवार सहित क्वार्सी थाना क्षेत्र में स्वर्ण जयंती नगर की कॉलोनी कावेरी एन्क्लेव फेज-1 में रह रहे थे। उनकी पत्नी मीनाक्षी नागपाल नृत्य शिक्षिका हैं।
उनके साथ पत्नी के अलावा बड़ा बेटा अंकित, उनकी पत्नी व बेटे संग और छोटा बेटा शोभित नागपाल भी रहते हैं। सबसे छोटी बेटी दीक्षा नागपाल बॉलीवुड में कोरियोग्राफर है और वह मुंबई में रहती है।
बेटे शोभित के अनुसार करीब दो वर्ष से पिता को रीढ़ की हड्डी में कैंसर था। किडनी भी खराब हो गई थी। इलाज के बाद भी कैंसर के दर्द से वह परेशान रहते थे। एसी व पंखे में नहीं सो पाते थे। इसलिए वह देर रात तक उनके साथ ही समय बिताते थे। बीती रात भी उन्होंने यही किया। शुक्रवार रात दस बजे खाना खाने के बाद सभी अपने-अपने कमरे में सोने चले गए, वह एक बजे तक वह नीचे कमरे में पिता के साथ बात करते रहे, उसके बाद सोने चले गए।
सुबह करीब सवा पांच बजे अंकित की पत्नी अपने बेटे को स्कूल के लिए तैयार करने के लिए नीचे आई, तो ससुर का शव फंदे से लटका देख शोर मचाया। परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। सूचना पर क्वार्सी पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। मीनाक्षी ने बताया कि कभी उनको बातचीत में ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे इस तरह का कदम उठा लेंगे। रात भी सामान्य दिनों की तरह बातचीत कर सो गए थे।
कैंसर का दर्द सहन नहीं कर पा रहे थे
पुलिस को कमरे की टेबल पर एक सुसाइड नोट रखा मिला। इसमें लिखा था कि वह अब कैंसर का दर्द सहन नहीं कर पा रहे हैं और किडनी भी खराब है। इसलिए वे आत्महत्या कर रहे हैं। इसके पीछे कोई अन्य जिम्मेदार नहीं है। न किसी को जिम्मेदार माना जाए। वे बीमारी से परेशान होकर अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं।
बीमारी के चलते छोड़ा था कैटरिंग का काम
बेटे शोभित के अनुसार पिता का कुछ साल पहले तक मथुरा के निजी डेंटल कॉलेज में कैटरिंग का काम था। बीमारी के चलते उन्होंने यह काम बंद कर दिया था। अब वहां कैंटीन चल रही थी जिसे अंकित संभाल रहा था। खुद शोभित की जनकपुरी में ट्रैवल एजेंसी है।
बेटी ने गणेश आचार्य के सानिध्य में बनाया कॅरिअर
विनीत की छोटी बेटी दीक्षा अपनी किशोरावस्था में ही मुंबई पहुंच गई थीं। वहां उन्होंने मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य के सानिध्य में कॅरिअर बनाया। उनकी सहायक बनकर खुद को स्थापित किया। अब तक वह भूल भुलैया-3 सहित कई फिल्मों कोरियोग्राफी कर चुकी हैं और मुंबई में ही फिल्म कलाकार संग विवाहित जीवन बिता रही हैं। पिता के निधन की खबर पर वह भी यहां पहुंच गईं।
-क्वार्सी पुलिस को तड़के विनीत नागपाल की आत्महत्या की खबर मिली थी। जांच में घर में ही एक सुसाइड नोट मिला जिसमें कैंसर व खराब किडनी से परेशान होकर आत्महत्या का उल्लेख है। परिवार से बातचीत में भी यही स्पष्ट हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया है। - सर्वम सिंह, सीओ तृतीय चिकित्सक बोले- कैंसर का इलाज संभव.. उम्मीद न छोड़ें
-कैंसर से लड़ने में शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक संबल भी आवश्यक है। कैंसर होने पर निराशा होना स्वाभाविक है लेकिन इसे अपने ऊपर हावी न होने दें। सकारात्मक सोच और जीने की प्रबल इच्छाशक्ति इलाज में सहायक होती है। परिवार, दोस्तों और सहायता समूहों से बात करें। यदि अत्यधिक तनाव, चिंता या अवसाद महसूस कर रहे हैं तो किसी मनोवैज्ञानिक या परामर्शदाता से संपर्क करें। - डॉ. पूनम बत्रा, मनोवैज्ञानिक काउंसलर
-चिकित्सा विज्ञान लगातार प्रगति कर रहा है। आज ऐसे कई उपचार उपलब्ध हैं जो कैंसर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं। कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगने पर उपचार की सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और धूम्रपान व शराब से परहेज कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। उपचार के दौरान उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना महत्वपूर्ण है। - प्रो. अंजुम परवेज, प्राचार्य, जेएन मेडिकल कॉलेज