कोतवाली क्षेत्र के गांव चालाकपुर में गुरुवार सुबह मिले किशोरी के जले हुए शव की पहचान हो गई है। यह शव इलाके के गांव इनायतपुर के प्रेम सिंह की 15 वर्षीय बेटी का था, जिसे उसके पिता व भाई ने ही ऑनर किलिंग करते हुए मौत के घाट उतारकर पहचान छिपाने के लिए शव को बोरे में बंद कर जला दिया था। आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया है, जबकि आरोपी भाई फरार है।
एसपी अपराध डॉ. अरविंद कुमार ने रविवार को जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि गांव चालाकपुर में जला हुआ शव मिलने पर पुलिस शिनाख्त में जुटी थी। इसी बीच पुलिस को पता चला कि इनायतपुर निवासी प्रेम सिंह पुत्र सीताराम की बेटी दूसरे नंबर की बेटी लापता है। इस पर पुलिस इनायतपुर पहुंची और पूछताछ के लिए प्रेम सिंह को थाने ले गई। थाने में कड़ाई से पूछताछ में प्रेम सिंह ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एसपी क्राइम के अनुसार उसने स्वीकारा कि उसके खेतों के बगल में ही हरदुआगंज के गांव कोंडरा निवासी बृजेश उर्फ छोटू पुत्र गोपाली के खेत हैं। खेतों पर ही बृजेश ने हमारे परिवार से दोस्ती गांठ ली और इसी बीच खेतों पर आने जाने के दौरान व घर आने-जाने पर उसने उनकी नाबालिग बेटी को झांसे में लेकर प्रेम संबंध बना लिए।
प्रेम सिंह व उनके बेटे प्रदीप को जब यह पता चला तो उन्होंने बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बृजेश से शादी की जिद पर अड़ गई। साथ ही वह जान देने की धमकी देने लगी। इसी बात पर 29/30 मई की रात परिजनों के सोने पर प्रेम सिंह व उसका बेटा प्रदीप बेटी को समझा रहे थे। वह मान नहीं रही थी, तभी गुस्से में प्रेम सिंह ने प्रदीप के साथ मिलकर रस्सी से बेटी का गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए एक बोरे में बंद किया। बुधवार की रात करीब दो बजे बाइक से चालाकपुर की ओर ले गए और केरोसिन डालकर शव को जला दिया। अब पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में जुटी है। इस मौके पर सीओ अतरौली प्रशांत सिंह, इंस्पेक्टर व एसएसआई भी मौजूद रहे।
बेटी को मारने का कोई अफसोस नहीं
खेती व मजदूरी करने वाले प्रेम सिंह के पांच बच्चों में यह बेटी दूसरे नंबर की थी। पुलिस के अनुसार प्रेम सिंह को अपनी बेटी की हत्या करने का कतई अफसोस नहीं था। उसने कहा कि बेटी को समझाने की बहुत कोशिश की। वह बात मान जाती तो यह नौबत नहीं आती। उसने यह भी कहा कि इस कृत्य में उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य का कोई हाथ नहीं है।