मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। जिसे दीनदयाल अस्पताल का बताया गया। ऑडियो के मुताबिक दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज की बेटी से स्टाफ ने अभद्रता की है। मां की देखभाल करने के लिए बेटी को अस्पताल बुलाया गया। कहा, लैट्रिन करा जाओ, कपड़े बदल जाओ, यहां आकर देखभाल करो।
बेटी ने जवाब दिया कि घर में नानी और छोटी बहन संक्रमित हैं। पिता की मौत हो गई है। अस्पताल आऊं या नानी-बहन को देखूं। स्टाफ ने कहा कि बाप की मौत हो गई है। नानी को बचाना है या मम्मी को, यह तुम देखो। रुपये में बहुत ताकत होती है। नहीं तो, दो हजार रुपये प्रतिदिन दो। हम देखभाल करवा देंगे। ऑडियो वायरल पर सीएमओ भानू प्रताप सिंह कल्याणी ने कार्यवाहक सीएमएस प्रभारी डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह को मामले की जांच सौंप दी है।
ऑडियो में स्टाफ ने कहा कि तुम्हारी मां की तबियत खराब हो गई है। ऑडियो में मरीज का नाम ऊषा बताया गया है। बेटी से कहा गया कि मां के कपड़े क्यों नहीं बदलकर गई हो। लैट्रिन आ रही है, कराने के लिए आ जाओ। यहां आकर मां की देखभाल करो। बेटी ने जवाब दिया कि घर में नानी व छोटी बहन कोरोना संक्रमित हैं।
पिता चल बसे हैं। इसके बाद स्टाफ ने कहा कि फोन पर ऊंची आवाज में बात मत करो। यहां आकर मिलना, तब बात करेंगे। इस वायरल ऑडियो पर सीएमओ डॉ. भानू प्रताप सिंह कल्याणी ने बताया कि जांच के लिए कार्यवाहक सीएमएस को कहा है। जांच में अगर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दोषी पाए गए तो ऐसी कठोर कार्रवाई की जाएगी कि जिले में वह नजीर बनेगी।