-30 अगस्त को दोनों पक्षों में विवाद हुआ लेकिन पुलिस शांति भंग में कार्रवाई कर लौट आई
-31 अगस्त को पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया मगर यहां भी किशोरी लाल के परिजनों ने देख लेने की धमकी दी
-3 सितंबर को फिर विवाद हुआ लेकिन पुलिस यह कहकर लौट आई कि थाने में मुकदमा दर्ज करा दो
- किशोरी लाल के घर पर था पुलिस वालों का आना जाना, घर में चलती थी दारू पार्टी
एसपी सिटी को सौंपी पुलिस पर आरोपों की जांच
इस घटना में घटना के बाद थाने से लेकर जिला अस्पताल और एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन करते समय परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाए। यहां तक कहा कि दरोगा आरोपियों के घर बैठता है। तीस अगस्त की घटना में थाने में धमकी दिए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए उनके हौसले बुलंद रहे और हत्या कर दी। इसे लेकर एसएसपी संजीव सुमन ने एसपी सिटी को जांच सौंपी है। एसएसपी ने बताया कि मामले में यह बात मंगलवार को ही अधिकारियों को बता दी गई थी। परिवार के जो भी आरोप हैं, उनकी जांच एसपी सिटी स्तर से कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाईकी जाएगी।
3 सितंबर को हुई अनुज की हत्या में किशोरीलाल को जेल भेज दिया गया है। वहीं इस घटना के मास्टर माइंड राजन को भी दबोच लिया गया है। टीमें लगातार प्रयासरत हैं। रात तक कुछ और के पकड़े जाने की संभावना है।- अभय पांडेय, सीओ प्रथम।