इस व्रत से संतान की आयु में वृद्धि होती है। उन्हें निरोगी काया और सुख प्राप्त होता है। माताएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी, क्योंकि माता पार्वती भी संतान की रक्षा करने वाली हैं।
करवा चौथ व्रत के बाद महिलाएं आज संतान की दीर्घायु की कामना के साथ अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। शाम को तारों का दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देकर पूजन करेंगी, इसके बाद व्रत पूरा करेंगी। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि अहोई अष्टमी पर पूजन का शुभ समय शाम 05:00 बजे से 06:30 बजे तक रहेगा। तारों को देखने और पूजन का समय शाम 05: 00 बजे से 06: 45 बजे तक रहेगा।
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मान्यता है कि इस व्रत से संतान की आयु में वृद्धि होती है। उन्हें निरोगी काया और सुख प्राप्त होता है। माताएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी, क्योंकि माता पार्वती भी संतान की रक्षा करने वाली हैं। 12 अक्तूबर को माताओं ने बाजार पहुंचकर व्रत की पूजन सामग्री और बच्चों के लिए नये कपड़ों की खरीदारी की।