ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने को अमर उजाला, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) और जिला प्रशासन की पहला को लोगों ने हाथों हाथ लिया। उत्थान अ स्टार्टअप निर्माण के तहत शुक्रवार को छेरत स्थित कृषि वैज्ञानिक केंद्र में हुए महासम्मेलन में सैकड़ों किसानों ने प्रतिभाग किया। किसानों, युवाओं ने उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने को हुंकार भरी। स्टार्टअप के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने को भारी संख्या मेें रजिस्ट्रेशन कराया। साथ ही किसानों ने विशेषज्ञों से कृषि की आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी हासिल की। अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रख समाधान भी जाना।
केवीके, छेरत स्थित उत्थान अ: स्टार्टअप कार्यक्रम की शुरूआत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के मंत्री सत्यदेव पचौरी के उद्बोधन से हुई। किसानों ने उनका रिकार्डिड संदेश को सुना। इसके बाद जनपद के कुछ उन्नतशील किसानों ने अपने तजुर्बों को अन्य किसानों के साथ सांझा किया। इसके बाद मुख्य अतिथि उप-निदेशक कृषि अनिल कुमार ने कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। उन्होंने किसानों को बताया कि वह परंपरागत खेती के तौर तरीकों पर ही निर्भर न रहे। अब समय के साथ खेती की तकनीक में भी बदलाव हुआ है। किसानों तक र्नई तकनीक पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार कई योजनाओं का संचालन कर रही है किसानों को उनका लाभ लेना चाहिए। कृषि यंत्रों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जा रहा है। खाद-बीज की कालाबाजारी करने वालों पर विभाग की टेढ़ी निगाह बनी हुई है। अब बस किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
जैविक खेती रही जिज्ञासा का विषय:
जैविक खेती के प्रति जनपद के किसानों का भी रुझान बढ़ा है। कार्यक्रम में किसानों के मन में सबसे अधिक सवाल जैविक खेती को लेकर ही उठे। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधीर सारस्वत ने किसानों को जैविक खेती करने के गुर सिखाए। साथ ही उन्हें वर्मी कमपोस्ट की भी जानकारी दी। कहा कि रासयानों का छिड़काव कर जहरीली फसलों के उत्पादन से बचना चाहिए। किसान अन्नादाता है, जहरदाता नहीं है। इससे कई किसानों ने जैविक खेती की तकनीक को सीखने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
महिलाओं को कौशल विकास और अन्य उद्योगों से जोड़ने का लिया प्रण:
किसानों ने खेती-खलिहान की जानकारी लेने के साथ ही कार्यक्रम में पापड़-चिप्स बनाने की फैक्ट्री, मुर्गी पालन, सूअर पालन, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, कृषि यंत्रों को तैयार करने की कंपनी सहित 162 अलग-अलग विधाओं में नि:शुल्क प्रशिक्षण लेने की भी जानकारी प्राप्त की। किसानों ने प्रण लिया कि वह महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ उन्हें स्वावलंबी बनाने को प्रशिक्षण दिलाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण हासिल करने वालों को प्रदेश और केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ दिलाते हुए आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। उत्पादों की बिक्री के लिए मार्केटिंग का तरीका भी सिखाया जाएगा। इससे किसानों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र प्रभारी डॉ. पीके शर्मा, फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अशरफ अली खान, वैज्ञानिक प्रसार डॉ. विनोद प्रकाश, वैज्ञानिक शस्य हरेंद्र कुमार सिंह मंचासीन रहे।
करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
अभियान के तहत होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के इच्छुक किसान, युवा, महिलाएं अमर उजाला कार्यालय, तालानगरी या कृषि विज्ञान केंद्र, छेरत में संपर्क कर प्रशिक्षण मेें भाग लेने को रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 7617566167 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशिक्षण हासिल करने वालों को प्रदेश और केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ मिलेगा। उत्पादों की बिक्री के लिए मार्केटिंग का तरीका भी सिखाया जाएगा। उत्थान अ: स्टार्टअप निर्माण के दसरे चरण में कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में छह से आठ मार्च 2019 को नेशनल कॉन्क्लेव होगा। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशक, कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी और शिक्षाविद् मौजूद रहेंगे। निवेशक कृषि अथवा अन्य क्षेत्रों में स्टार्टअप आइडिया वाले प्रोजेक्ट देखेंगे और चयनित प्रोजेक्टों में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश करेंगे। इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी होंगी। इसमें विजयी प्रतिभागियों को लाखों रुपये का इनाम भी दिया जाएगा।