दिन भर में महज एक-दो घंटे ही बिजली मिलने से गुस्साए सिमरौठी, पालर और टप्पल आदि गांवों के किसानों ने रविवार की रात 11 बजे ही टप्पल बिजली घर घेर लिया। करीब 18 घंटे तक वह बिजली घर को घेरकर धरने पर बैठे रहे। सोमवार की शाम करीब पांच बजे बिजली आपूर्ति में सुधार का उपखंड अधिकारी से मिले आश्वासन के बाद वह अपने-अपने घरों को लौटे।
इन किसानों का कहना था कि नलकूपों के लिए दिन भर में एक-दो घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे धान की रोपाई सहित लगे हुए धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नियमित रूप से आठ से दस घंटे की बिजली न मिलने पर धान की फसल सूख जाएगी।
ग्रामीणों के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही रविवार की रात करीब 12 बजे भाकियू और राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रमेश कुमार अत्री भी पदाधिकारियों सहित टप्पल बिजलीघर पहुंचकर किसानों के धरने में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि एक-दो घंटे ही बिजली मिलने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। जिन किसानों के खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है, उनके खेतों में सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन के टप्पल ब्लॉक अध्यक्ष रामगोपाल सिंह ने अध्यक्षता और विक्रम सिंह प्रधान पालर ने संचालन किया। सोमवार को उप खंड अधिकारी पीयूष द्विवेदी, अवर अभियंता अविनाश कुमार व अनुज कुमार पहुंच गए। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद शाम करीब सवा पांच बजे उपखंड अधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि नलकूपों के लिए उचित बिजली आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी, जो सोमवार की रात से ही मिलनी शुरू हो जाएगी।
धरना देने वालों में इस्लाम, नेत्रपाल, रामचंद्र सरदार, प्रदीप चौधरी, जाकिर, विजयपाल, रतन सिंह, कर्मवीर चौधरी, नीले, पीतम, मनीष, धनपाल, वेदवीर, प्रमोद पंडित मौजूद रहे।