इस बार का शनिवार किसान आंदोलन के नाम रहा। तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर जिले में भी संयुक्त किसान मोर्चा ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। सभी तहसील मुख्यालयों के अतिरिक्त जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इधर भाकियू हरपाल गुट के कार्यकर्ताओं ने इगलास, गोंडा समेत अन्य स्थानों पर धरना प्रदर्शन कर सांकेतिक रोड जाम किया।
किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को किसान संगठनों ने चक्का जाम की तैयारी कर रखी थी। दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा ने एनसीआर, यूपी, उत्तराखंड में चक्का के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण धरने में तब्दील करने का निर्णय लिया तो जिले में भी चक्का जाम का निर्णय वापस लेते हुए किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण अहिंसात्मक धरना प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विमल तोमर के नेतृत्व यूनियन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वही संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बोनैर पर जीटी रोड के किनारे 12 बजे से 3 बजे तक धरना दिया। इस धरने में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के सोरन सिंह, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कैलाश वर्मा, भारतीय किसान अधिकार संघर्ष मोर्चा के जितेंद्र शर्मा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के विनोद सिंह, भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के मंडल महामंत्री भूपेंद्र सिंह, संगठन मंत्री सुरेश चंद्र गांधी, भारतीय किसान यूनियन हरपाल मोहन सिंह, भारतीय किसान यूनियन सुनील से राजेश, अखिल भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामखिलाड़ी सविता के अलावा इन संगठनों के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।
धरने के दौरान प्रो. अशोक प्रकाश, समेत कई वक्ताओं ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए पूछा कि इन कृषि कानूनों में सफेद क्या है। यह सवाल संसद में कृषि मंत्री के ही उस सवाल पर किसानों की ओर से सवाल है, जिसमें कृषि मंत्री ने पूछा था किसान बताएं इन कानूनों में काला क्या है।
3 बजे तक जब कोई अधिकारी ज्ञापन लेने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा तब धरना स्थल एक बैठक में बदल गया। धरने में उपस्थित किसान नेताओं ने आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सर्वसम्मति से लिए निर्णय के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक शशिकांत ने घोषणा की कि पैदल मार्च करते हुए सभी जिलाधिकारी कार्यालय ज्ञापन देने जाएंगे। देखते ही देखते धरना स्थल पर किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे गूंजने लगने लगे। जैसे ही प्रदर्शन कारी किसान नेताओं का जत्था रोड पर पहुंचा। थाना गांधी पार्क पुलिस वहां पहुंच गई। काफी देर बाद किसी अधिकारी के आने के आश्वासन पर किसान संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर रुके। बाद में मौके पर पहुंचे सीओ राघवेंद्र सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
महिला किसान नेता कमलेश यादव ने इस मौके पर ज्ञापन पढ़कर सुनाया। ज्ञापन के जरिये तीनों कृषि कानूनों एवं बिजली संशोधन कानून की वापसी की मांग दोहरायी। इसके अलावा एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसान आंदोलन को बदनाम करने वाले दीप सिद्धू व अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। देश भर में किसान नेताओं और किसान समर्थक पत्रकारों व बुद्धिजीवियों पर यूएपीए व देशद्रोह के दर्ज फर्जी केस वापस लेने की मांग की गई।
इधर, भाकियू हरपाल गुट के कार्यकर्ताओं ने इगलास तहसील पर प्रचार मंत्री गिर्राज स्वामी की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के नेतृत्व में सांकेतिक रोड जाम किया गया। उन्होंने कहा कि अनुबंधित खेती के प्रावधान से सरकार पूंजीपतियों को खेती कराने का अधिकार देकर किसानों को गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंत में एसडीएम इगलास को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष नेकराम, हीरालाल शास्त्री, चंद्रपाल, लाला शर्मा, कुलदीप, राजन सिंह, कुसुमा, सुनीता, वीरेंद्र सिंह, निर्मला, महेश, राजवीर सिंह, हरिचंद, गुड्डी व राजकिशोर आदि उपस्थित थे। गोंडा समेत अन्य स्थानों पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रोड जाम किया।
भारतीय किसान सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सचिव मो. शमी के नेतृत्व में एसडीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। प्रदेश सचिव मोहम्मद शमी ने कहा कि अगर काले कानून वापस नहीं होते तो हम लोग किसान आंदोलन को एक नई दिशा देने का काम करेंगे। आज प्रशासन ने हमें कलेक्ट्रेट तक नहीं जाने दिया यह तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
इस मौके पर भारतीय किसान सेना के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र यादव, विष्णु यादव, मंडल प्रवक्ता नौशाद आलम, फिरोज आलम, विजय सिंह, राजवीर सिंह, संजय यादव, महीपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे। वरिष्ठ छात्र नेता राजा भैया और रालोद के मंडल अध्यक्ष डॉक्टर इरफान साहब भी अपना समर्थन देने के लिए शमशाद मार्केट भारतीय किसान सेना के प्रदर्शन में शामिल हुए।