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सोमना रेलवे स्टेशन पर किसानों का हंगामा, ट्रेनें बाधित

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सोमना रेलवे स्टेशन पर किसानों को समझाते एसडीएम प्रवीण यादव। - फोटो : GABHANA
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तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में बृहस्पतिवार को अलीगढ़ रेलवे परिक्षेत्र में किसानों ने जमकर हंगामा काटा। दोपहर 1.30 बजे से लेकर 3.15 बजे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहा। आंदोलनकारी किसानों ने खुर्जा जंक्शन पर वीआईपी ट्रेन हमसफर (02570) को 2.13 बजे से लेकर 3.17 बजे तक रोके रखा, जबकि दनकौर स्टेशन पर नई दिल्ली दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति (02566) को 2.05 बजे से लेकर 2.36 बजे तक रोककर प्रदर्शन किया गया। वहीं, जिले की गभाना तहसील के सोमना स्टेशन पर भी किसान नेताओं का जमावड़ा रहा। किसान ट्रैक पर बैठने की जिद पर अड़ रहे। किसानों को वेटिंग एरिया में रोकते हुए गेट बंद कर दिया। करीब 3.17 बजे पर टूंडला डीटीएम संजय के आदेश पर ट्रेनों का संचालन सुचारू किया गया। आंदोलन के चलते अलीगढ़ जंक्शन पर महाबोधि और गोमती एक्सप्रेस (दोनों डाउन ट्रैक) दो-दो घंटे की देरी से पहुंचीं। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
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भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किसानों ने अलीगढ़ जिले की गभाना तहसील के सोमना स्टेशन को 12 बजे घेर लिया। सबसे पहले यहां भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष विमल तोमर के नेतृत्व में किसान पहुंचे। उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने स्टेशन के बाहर ही रोक लिया। इस पर किसानों ने वहीं पर धरना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। अन्य गुटों से जुड़े किसान भी आ गए। करीब 100 किसान नेता व कार्यकर्ता जुट गए। वह रेलवे ट्रैक पर जाने की जिद पर अड़ गए। सूचना पर गभाना एसडीएम प्रवीण यादव के साथ लोधा, गभाना, चंडौस थाने का फोर्स भी पहुंच गया। अलीगढ़ जंक्शन से आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर सहित, आरपीएफ क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार कौशिक भी टीम के साथ पहुंच गए। काफी देर तक जद्दोजहद जारी रही। इसी बीच मौका पाकर किसान स्टेशन के भीतर घुस आए। हालांकि, प्रतीक्षा एरिया में किसानों को रोककर स्टेशन का गेट बंद कर दिया गया। काफी देर तक किसानों ने नारेबाजी की। दोपहर करीब 3.17 बजे टूंडला डीटीएम संजय के आदेश पर ट्रेनों को चलाया गया। ट्रैक सुचारू होने की जानकारी पर सोमना में आंदोलन कर रहे किसान नेताओं के सुर ढीले पड़ गए। उन्होंने करीब चार बजे एसडीएम गभाना को राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने तीनों नये कृषि कानूनों को किसान हित में वापस लेने व फसल खरीद के लिए एमएसपी की व्यवस्था करने आदि की मांग रखी।
सोमना रेलवे स्टेशन पर जुटे कई गुटों से जुड़े किसान
भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा ने सोमना स्टेशन पर रेल रोकने का एलान बुधवार को कर दिया था। इसको देखते हुए वहां सुरक्षा के लिहाज से आरएएफ के 67 जवानों सहित आरपीएसएफ के 18, जीआरपी रिजर्व लाइन से 10 जवानों को तैनात किया गया। लोधा, गभाना, चंडौस थाने की पुलिस सहित एसडीएम गभाना, सीओ गभाना, सीओ बन्नादेवी पहुंच गए। यहां आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष विमल तोमर ने नेतृत्व में महासचिव वीरेंद्र सिंह, गभाना तहसील के अध्यक्ष गुलजार बापू, मुश्तकीम पठान, गौरव तेवतिया, महावीर सिंह, रमेश राघव, रुद्र सिंह आदि किसान पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहुंचे। राष्ट्रीय किसान नेता की कमलेश यादव के नेतृत्व में किसान पहुंचे। इसके बाद संयोजक संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक शशिकांत के नेतृत्व में किसान पहुंचे। भाकियू (स्वराज) के पदाधिकारी जितेंद्र शर्मा के नेतृत्व में उनके कार्यकर्ता पहुंचे। इसके बाद अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने भाग लिया। हालांकि, किसान नेता यहां ट्रेन रोकने में कामयाब नहीं हो सके।
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ये ट्रेनें हुईं बाधित
- महाबोधि एक्सप्रेस (02398) दो घंटा 5 मिनट देरी से अलीगढ़ जंक्शन पर पहुंची।
- गोमती एक्सप्रेस (02420) एक घंटा 59 मिनट की देरी से अलीगढ़ जंक्शन पर पहुंची।
- वीआईपी ट्रेन हमसफर (02570) खुर्जा जंक्शन पर आंदोलनकारियों ने 45 मिनट रोका।
- नई दिल्ली-दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति (02566) को दनकौर स्टेशन पर रोका गया।
- नंदन कानन एक्सप्रेस (02815) 1.48 बजे अलीगढ़ जंक्शन से रवाना हुई, 2.01 बजे कुलवा स्टेशन पर खड़ी रही।
अलीगढ़ जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर रहा फोर्स
अलीगढ़ जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर आरपीएफ, जीआरपी सहित गांधी पार्क, क्वार्सी, बन्नादेवी का फोर्स तैनात रहा। इसके अलावा सीओ तृतीय अनिल समानिया और एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह भी जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने गोमती (अप) और स्वतंत्रता सेनानी (अप) को पास कराया। इसके अलावा सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भी पूरे स्टेशन की निगरानी की गई। यात्रियों के वेश में र्कोई किसान नेता स्टेशन में न घुस आए, इसके लिए प्रवेश द्वार पर चेकिंग की व्यवस्था की गई। जिनके पास यात्रा का टिकट था, सिर्फ उनको ही प्रवेश दिया गया।
खुर्जा व दनकौर पर आंदोलनकारियों की ओर से ट्रेन को रोका गया। हालांकि, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। किसान नेताओं को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया गया। इसके बाद करीब 3.15 बजे ट्रैक को सुचारू कर दिया गया।
- गजेंद्र पाल सिंह, सीओ जीआरपी इटावा
किसानों के रेल रोको आंदोलन को सफलतापूर्वक निपटा लिया गया है। दनकौर व खुर्जा के अलावा किसान किसी भी स्टेशन पर ट्रेन रोकने में कामयाब नहीं हुए। सोमना स्टेशन पर किसान नेताओं को ट्रैक पर नहीं जाने दिया। अलीगढ़ जंक्शन पर पूरी तरह से शांति रही।
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- धीरेंद्र कुमार, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ
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