उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सोलर पंप लगाने से किसानों को बिजली एवं डीजल खर्च से छुटकारा मिलेगा। वह अपने खेतों के साथ ही पड़ोसी के खेतों की सिंचाई कर लाभ उठाएंगे।
दो दिवसीय किसान मेला का शुभारंभ करने पहुंचे कृषि मंत्री शाही ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मोदी एवं योगी सरकार की नीतियों के कारण ही दो साल में उत्तर प्रदेश का कृषि विभाग 18 से तीसरे पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सोलर पंपों के रेट में भारी कमी की गई है। 50 हजार का सोलर पंप अब 37 हजार में मिल रहा है। 2.5 लाख के सोलर पंप पर करीब 56 हजार की छूट है। बीते वर्ष प्रदेश में रिकार्ड 10 हजार सोलर पंप लगाए गए हैं। इस वर्ष में 10 हजार लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीज हब के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अंडला में 6.92 करोड़ की लागत से बीज विधायन संयंत्र लगाया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार द्वारा कर्ज माफ करने और बीज-खाद आदि उपलब्ध कराने से किसानों को काफी लाभ हुआ है। 31 मार्च 2016 के पहले के फसल ऋण माफ होने से किसान आर्थिक दबाव से मुक्त हुआ। इससे उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ी। उत्पादित अनाज की खरीदारी को पारदर्शी एवं ठोस व्यवस्था की गई। दो वर्ष में किसानों को 25 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि उनके खातों में पहुंची। प्रधानमंत्री किसान निधि की घोषणा के 24 दिन के अंदर प्रोसेस कर 1.1 करोड़ किसानों के खाते में दो हजार रुपये का प्रथम किस्त भेज दिया गया। इस व्यवस्था से किसानों को कीटनाशक, खाद-बीज खरीदने में सहूलियत हुई। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र लेने वाले किसानों को 80 से लेकर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश में साढ़े 16 हजार किसानों को करीब 120 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष में सपा सरकार की तुलना में 8 गुणा अधिक गेहूं खरीदारी की व्यवस्था की गई है। आज 1860 रुपये के आधार पर गेहूं खरीद हो रही है। जबकि जब योगी सरकार बनी थी तो गेहूं 1460 रुपये थी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है।