टप्पल क्षेत्र के गांव वैना निवासी एक किसान ने दो दिन पहले आर्थिक तंगी के चलते जहर खा लिया। उसके गौतमबुद्ध नगर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जिसको प्रशासन द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने को लेकर भाकियू गांव में पंचायत की। सूचना पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचने पर लोगों में रोष व्याप्त है।
गेहूं की फसल पर बेमौसम हुई बारिश का दंश अभी तक किसान झेल नहीं पा रहा हैं। इसके बाद भी अभी तक क्षेत्र में मुआवजे की राशि वितरित नहीं की गई है। इसी क्रम में टप्पल क्षेत्र के गांव वैना निवासी विजेंद्र पुत्र दफेदार 40 वर्षीय के पास गांव में करीब साढ़े चार बीघा जमीन है। जिसमें इस बार किसान ने गेहूं की फसल की थी जोकि बेमौसम हुई बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी। जिससे किसान पूरी तरह टूट चुका था और किसान पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्जा भी हो गया था। जिसके बाद किसान ने खेत में भिंडी की फसल की जिस में हाल ही में कीड़ा लग गया।
जिसके लिए किसान दवा लेकर आया और बीते मंगलवार देर सायं को दवा लगाने खेत पर पहुंचा तो वह भिंडी की बर्बाद फसल को देख नहीं सका और खेत पर ही दवा का सेवन कर लिया। परिजनों को जानकारी मिलने पर आनन फानन विजेंद्र को जेवर के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां अभी तक किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। साथ ही गांव में गुरुवार देर सायं तक भाकियू की पंचायत चलती रही।
उनकी मांग है कि किसानों को सहायता राशि नहीं दी जा रही है और न ही किसानों की समस्याओं को प्रशासन गंभीरता से लिया जा रहा है। जिसके कारण क्षेत्र का किसान आत्महत्या को मजबूर है। अगर किसान के साथ में अनहोनी होती है तो भाकियू बुलंदशहर और अलीगढ़ की सीमा पर ही धरना प्रदर्शन करेगा। वहीं सूचना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से गांव के लोगों में रोष व्याप्त है। पंचायत करने वालों में बहुजन किसान दल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल तालान, जिलाध्यक्ष वितल तोमर, जगदीश भगतजी, हुकुमचंद्र शर्मा, वीरेंद्र सिंह आदि किसान नेता मौजूद रहे। वहीं जट्टारी क्षेत्र के गांव रंजीजगढी में मां द्वारा ढांट लगाये जाने क्षुब्ध छात्र ने घर में रखे पशु की दवाई का सेवन कर लिया जिससे छात्र की हालत बिगड़ गई। आनन फानन में छात्र को डॉक्टर के पास ले जाया गया जहां छात्र की हालत में सुधार हुआ है।