इगलास के खेड़िया पाताल, मनोहरपुर, भटोई, खेरिया पाताल आदि गावों के किसान सुबह कॉन चिरौली बिजली घर पर पहुंच गए। किसानों का आरोप है कि पिछले एक पखबाड़े से बिजली आपूर्ति न मिल पाने से पीने के पानी के साथ आटा पिसाई आदि की समस्या पैदा हो गई है।
14 जून को इगलास के कॉन चिरौली बिजली घर पर किसानों ने 15 दिन से बिजली की आपूर्ति न होने पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया। धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर एसडीओ व पुलिस मौके पर पहुंची। किसानों को बिजली आपूर्ति में सुधार करने का आश्वासन देकर उन्होंने कर्मचारियों को छुड़ाया।
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इगलास के खेड़िया पाताल, मनोहरपुर, भटोई, खेरिया पाताल आदि गावों के किसान सुबह कॉन चिरौली बिजली घर पर पहुंच गए। किसानों का आरोप है कि पिछले एक पखबाड़े से बिजली आपूर्ति न मिल पाने से पीने के पानी के साथ आटा पिसाई आदि की समस्या पैदा हो गई है। इसे लेकर किसानो में आक्रोश था।
किसानों ने वहां पर मौजूद एसएसओ सुरेन्द्र सिंह, लाइनमैन ओंकार सिंह व अजय कुमार को बिजलीघर के कमरे में बंधक बना लिया। किसानों का कहना है कि अवर अभियंता मुख्यालय पर न रहकर खैर में रहते हैं। जब भी किसान आते हैं, वे मिलते ही नहीं हैं। इसके बाद किसानों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने इस प्रकरण में अवर अभियंता ब्रह्मप्रकाश व उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
बंधक बनाए जाने की सूचना पर हल्का प्रभारी एसआई हेमेन्द्र कुमार हमराही पुलिस कर्मियों के साथ वहां पहुंच गए। एसडीओ व हल्का प्र्भारी के समझाने के बाद किसानों ने कर्मचारियों को दोपहर 12 बजे के करीब मुक्त कर दिया। एसडीओ का कहना है कि बिजली स्पालई की व्यवस्था में सुधार कराया जा रहा है। किसानों को 10 से 12 घंटे सप्लाई दी जाएगी, कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया गया है ।