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Aligarh News: मौसम का नहीं मिलता सटीक पूर्वानुमान, आपदा झेल रहे किसान

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दो दिन पहले आंधी और बारिश ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान बचाया। तेज हवा से उन खेतों में खड़ी फसल गिर गई, जिन्हें हाल ही सींचा गया था। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी होती तो वह सिंचाई नहीं करते और इस नुकसान से बच सकते थे। तकनीक के दौर में अलीगढ़ के किसान पिछड़ रहे हैं।
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सोमवार के विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जा रहा है, ऐसे में हाल यह है कि किसानों को समय से जानकारी नहीं मिल पाती। जनवरी माह में आलू की फसल जब तैयार थी, तब भी अचानक बारिश हो गई थी। धान की फसल के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। फसल तैयार होने से पहले आंधी बारिश आ गई थी।




प्रगतिशील किसान तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप से अपडेट रहते हैं, लेकिन अधिकांश किसानों तक इनकी पहुंच नहीं है। जिले में 12 ब्लॉक में जिले में 827 गांव हैं, लेकिन गांव-गांव सूचना पहुंचने के तंत्र जिले में विकसित नहीं हो पाया है।
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किसान विज्ञान केंद्र के छेरत के वैज्ञानिक अनंत कुमार के अनुसार ब्लॉक और जिला स्तर पर कुछ जगह व्यवस्था है और छोटे केंद्र हैं। जिले में एक बड़ा और आधुनिक मौसम सूचना केंद्र बनना चाहिए।



आपदा टीवी पर देख बताते हैं मौसम का हाल

एसडीएम खैर शिशिर कुमार सिंह ने बताया कि तहसील के आरके कार्यालय में ‘आपदा टीवी’ चलता रहता है, जिसके माध्यम से मौसम विभाग की ताजा जानकारी प्राप्त होती रहती है। इसके अलावा एनडीएम (आपदा प्रबंधन) के मेसेज अलर्ट सिस्टम के जरिए किसानों समूह में चेतावनी संदेश भेजे जाते हैं। सचेत नामक मोबाइल ऐप से भी किसान जानकारी लेकर नुकसान से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालय खैर में भी मौसम स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होने पर सटीक जानकारी मिलेंगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।





इनसे लें प्रेरणा
अतरौली। शेखूपुर के नरेंद्र राजपूत, हिमांशु गुप्ता कहते हैं कि वह अपडेट रहते हैं। वह उदाहरण देते हुए कहते हैं कि आलू की खोदाई करा रहे थे, इस दौरान मौसम बिगड़ने का अपडेट आया तो उतनी ही खोदाई करवाई, जितने तत्काल घर तक ले जा सकते थे। तहसीलदार राजेश वर्मा 10 गांवों में वेदर स्टेशन होने का दावा करते हैं, जिनकी रिपोर्ट मौसम विभाग को जाती है। वहां से अलर्ट जारी होता है। यानी सीधे अलर्ट यहां से भी जारी नहीं होता।



-पनैठी में मौसम सूचना केंद्र की स्थापना की जा रही है। उसका फाउंडेशन तैयार कर लिया गया है। शासन से बजट और मशीन जल्द उपलब्ध होने की संभावना है। मई तक इसे चालू कर दिया जाएगा। प्रमोद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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