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Aligarh: स्मार्ट मीटर के विरोध में किसान-मजदूरों ने किया कार्यालय का घेराव, 9 दिसंबर को महापंचायत की चेतावनी

Thu, 27 Nov 2025 10:33 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

किसानों ने खुला ऐलान किया कि गांवों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे और कटे कनेक्शन तत्काल जोड़े जाएं। चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 9 दिसंबर को लाल डिग्गी पर स्मार्ट मीटर विरोधी महा पंचायत की जाएगी।
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, क्रांतिकारी किसान यूनियन, भाकियू हरपाल, भाकियू सुनील समेत दर्जनभर संगठनों के साथ ग्रामीणों ने बुधवार को लाल डिग्गी स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय का दो घंटे तक घेराव किया। जबरन स्मार्ट मीटर लगाने, फर्जी बिजली चोरी के मुकदमे थोपने और बेतहाशा बढ़ते बिलों के खिलाफ गुस्साए लोगों ने जमकर नारेबाजी की।

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नगला कलार, बैंक कॉलोनी, बीमा नगर, चर्च कॉलोनी, नगला मसानी सहित शहरी उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने डिजिटल मीटर लगाने की मांग की। जिरौली डोर क्षेत्र के किसानों पर दर्ज सभी फर्जी मुकदमे वापस लेने और मौजूदा एसडीओ-जेई को हटाने की मांग भी उठी। मौके पर पहुंचे अधीक्षण अभियंता अंशुमान यादव ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग टस से मस नहीं हुए। किसानों ने खुला ऐलान किया कि गांवों में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे और कटे कनेक्शन तत्काल जोड़े जाएं। 
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चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 9 दिसंबर को लाल डिग्गी पर स्मार्ट मीटर विरोधी महा पंचायत की जाएगी। इस मौके पर शशिकांत, सुन्दर सिंह बालियान, रमेश चंद्र विद्रोही, एडवोकेट ओ.पी. शर्मा, इदरीश मोहम्मद, सूरजपाल उपाध्याय, राजकुमार शर्मा, वीरेन्द्र धूसिया, बलवीर सिंह , विनोद गौतम, सत्यवीर चौधरी, सुल्तान, पुष्पेंद्र चौधरी, देवेंद्र यादव, शकुंतला आदि मौजूद रहे।

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किसान और मजदूरों ने कलेक्ट्रेट तक किया मार्च

दिल्ली बॉर्डर पर 13 महीने चले किसान आंदोलन और 736 शहादतों की पांचवीं वर्ष गांठ पर 26 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा, भाकियू, सीटू समेत तमाम किसान-मजदूर संगठनों ने डॉ. अंबेडकर पार्क घंटाघर से कलेक्ट्रेट तक विशाल मार्च निकाला। ट्रैक्टरों और निजी वाहनों से आए हजारों लोगों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
संयुक्त किसान मोर्चा नेता शशिकांत ने कहा कि 9 दिसंबर 2021 को एमएसपी की गारंटी, मुकदमे वापसी और बिजली बिल रद्द करने के वादे किए गए थे, लेकिन सरकार सभी वचनों से मुकर गई। यह किसान-मजदूरों के साथ धोखा है। भाकियू जिला अध्यक्ष सुंदर सिंह बालियान ने 380 दिन की लड़ाई को याद कर फिर से सशक्त आंदोलन की चेतावनी दी। मजदूर नेताओं ने चारों श्रम संहिताओं को मजदूरों पर हमला बताते हुए कहा कि 8 घंटे काम का अधिकार छीनकर कारपोरेट को खुली छूट दे दी गई है। करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ पैदल मार्च तस्वीर महल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। 

अपर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित 16-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिसमें एमएसपी की कानूनी गारंटी, श्रम संहिताएं रद्द करना, कर्जमाफी, मुफ्त बिजली-पेंशन और निजीकरण रोकने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। इस मौके पर अशोक नगोला, वीरेन्द्र अत्री, लवलेश ठाकुर, मंगल सिंह, डी.सी. वार्ष्णेय, मुन्नी लाल उपाध्याय, कृष्णकांत सिंह, सर्वेश सिंह, सत्यवीर सिंह सत्तो, कामरेड ऐहतेशाम बेग, नबाब सिंह, हिना विजारत, मुनेश पाल सिंह, रूपेश कुमार, कैलाश बघेल, विजय पाल सिंह, सुरेश चंद्र गांधी शामिल रहे।
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