तीन नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर मजुपुर सुबकरा गांव में आस-पास के दर्जन भर गांवों के किसानों-मजदूरों ने सभा की। किसानों ने तीनों कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि वे इसके विरोध के लिए एकजुट हैं। किसान नेताओं ने एलान किया कि यदि शीघ्र ही तीनों कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो किसान 26 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे।
सभा में मजूपुर-सुबकरा के अलावा समसपुर, भोज नगरिया, नगला मोहन, नगला ठंडयी, नगला बरी, बोल्ला आदि प्रमुख गांवों के किसान 10 बजे से पैंठ स्थल पर एकत्रित होना शुरू हो गए। बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन की अपील पर आयोजित इस सभा की अध्यक्षता वयोवृद्ध मजदूर रामखिलाड़ी गौतम तथा संचालन चौधरी ऋषिपाल सिंह ने किया। सभा के प्रारंभ में शामिल सभी किसानों-मजदूरों ने अपने हाथ उठाकर तीनों कानूनों की वापसी की मांग का समर्थन करने की प्रतिज्ञा की।
यूनियन संयोजक रमेश चन्द्र विद्रोही ने कहा कि सरकार तीनों कानूनों को वापसी न करने की जिद पर है, तो किसान भी पीछे नहीं हटेगा। अब आंदोलन गांव-गांव तक फैलेगा और लाखों की संख्या में किसान दिल्ली कूंच करेंगे। सह संयोजक शशिकान्त ने कहा कि अब यह आंदोलन केवल किसान तक सीमित नहीं रहा, खरीद कर खाने वाली मजदूर जनता भी किसान के साथ है।
किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सरकार समय रहते तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती है तो सभी किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टरों से दिल्ली कूंच करेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए एक टीम का गठन किया। यह टीम क्षेत्र में किसान आंदोलन के समर्थन में जन संपर्क करेगी।
इस मौके पर पूर्व प्रधान योगेश कुमार, पूर्व प्रधान जितेन्द्र सिंह, नवाब सिंह नेताजी, जगवीर सिंह काका, भोला पहलवान, कुंदन सिंह बघेल, तेजपाल सिंह, ओंकार सिंह, पूर्व प्रधान एड ओमवीर सिंह, डोरीलाल गौतम, विनोद गौतम, बच्चू सिंह, शीशपाल सिंह, डा जितेन्द्र, विनीत आदि उपस्थित थे।