बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी देख एक पचपन वर्षीय किसान को ऐसा सदमा लगा कि खेत में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। रात करीब दस बजे राहगीरों की सूचना पर परिजन और ग्रामीण भागते हुए खेत पर पहुंचे तो शव देखकर परिजनों की चीख-चीत्कार गूंजने लगी। परिजनों के अनुसार फसल की बर्बादी देखकर सदमे से मौत हुई है। थाना पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने को मौत की वजह बताया गया है।
हरदुआगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला खेम निवासी रमेश पाल सिंह पुत्र खुशाल सिंह (60) के पास सत्रह बीघे खेत सड़क के किनारे हैं, जिसमें उन्होंने गेहूं की फसल बो रखी थी। सोमवार की शाम रमेश पाल सिंह खेत में फसलों को देखने गए थे। दो दिन पहले ही अलीगढ़ में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। सोमवार रात करीब दस बजे राहगीरों की नजर शव पर पड़ी तो किसी ने परिजनों को जानकारी दी।
परिजनों के अनुसार सोमवार शाम करीब सात बजे खाना खाने के बाद वह खेतों में फसल देखने के लिए गए थे। आंधी-बारिश के चलते फसल का नुकसान देखकर सदमा लगने से उनकी मौत हुई है। इंस्पेक्टर डा. विनोद सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हृदयगति रुकना बताया गया है।
मृत किसान के परिवार को नियमानुसार शासन स्तर से आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। - डा. पंकज कुमार वर्मा, एसडीएम कोल।
सहकारी संघ में निर्विरोध बने थे सभापति
नगला खेम गांव के निवासी भाजपा नेता धीरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि रमेश पाल सिंह लंबे से भाजपा के सदस्य रहे। पिछले माह 17 फरवरी को हरदुआगंज सहकारी संघ के चुनाव में वह निर्विरोध सभापति चुने गए थे।