भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूंनी के निर्देश पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन के प्रयास को पुलिस ने विफल कर दिया। रात में पुलिस ने किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया। किसी भी पदाधिकारी को बाहर नहीं निकलने दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूंनी के निर्देश पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन व रोड जाम करने का कार्यक्रम 22 फरवरी को नहीं हो सका। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को तहसील कोल में एकत्रित होना था, लेकिन इससे पहले ही थाना पुलिस ने रात में ही दबिश देकर नेताओं को नजरबंद कर दिया।
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धीरज कुमार सिंह अलीगढ़ मण्डल अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव युवा भारतीय किसान यूनियन चडूनी, मुनेश पाल सिंह प्रदेश सचिव, टीकम सिंह सूर्यवंशी राष्ट्रीय सचिव व मंडल प्रभारी जिलाध्यक्ष डंबर सिंह को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। किसी भी पदाधिकारी को बाहर नहीं निकलने दिया। 22 फरवरी सुबह ग्यारह बजे एसओ जवां नारायण दत्त तिवारी को प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
धीरज कुमार ने कहा कि यह सरकार किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। सरकार कान खोलकर सुन ले किसान अपना हक लेकर रहेंगे। किसानों से एकजुट होने की अपील की गई। किसान आयोग के गठन की मांग की गई। किसान आंदोलन में शहीद किसानों के परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी व पचास लाख रुपये मुआवजा व बुजुर्ग किसान को 20000 रुपये प्रतिमाह पेंशन व मौसमी फसल को एमएसपी की गारंटी दी जाए।