अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व कैबिनेट सदस्य व एआईएमआईएम के नेता फरहान जुबैरी ने उन सभी बातों को निराधार बताया है, जिसमें उन्हें फरार और भगोड़ा कहा जा रहा है।
रविवार को प्रेसवार्ता में फरहान जुबैरी ने कहा कि कुछ संचार माध्यम लगातार यह है प्रचारित कर रहे हैं कि फरहान भगोड़ा है और फरार है। जबकि सत्यता यह है कि उनके पास हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी के संबंध में स्थगन आदेश मिला हुआ है।
एएमयू में फ्रांस में हुई घटना के संबंध में विरोध प्रदर्शन के बाद अलीगढ़ पुलिस ने उन पर मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद वह इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी के संबंध में स्थगन आदेश ले आए थे। उन्होंने कहा कि अब जबकि वह स्थिति को साफ कर रहे हैं तो सभी संचार माध्यमों को चाहिए कि वह सही बात सामने रखे। इस संबंध में थाना सिविल लाइन के प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र दुबे ने बताया कि यह सही है कि एएमयू के छात्र नेता फरहान जुबैरी फ्रांस की घटना के विरोध में हुए प्रदर्शन में आरोपी है। विवादित बयान देने के चलते उन पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पिछले सप्ताह जुबैरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया कि वह 45 दिन के अंदर न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत याचिका प्रस्तुत करें। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने उनकी तलाश को विराम दे दिया है।