फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजकीय सम्मान के साथ्ा शहीद दलवीर को विदाई

Tue, 21 Aug 2018 01:35 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
राजकीय सम्मान के साथ्ा शहीद दलवीर को विदाई - फोटो : Rupesh
विज्ञापन
 उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा के समीप शनिवार की शाम गश्त के दौरान पाकिस्तानी सेना की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग के विस्फोट में शहीद राइफलमैन दलवीर सिंह का शव सोमवार की सुबह करीब छह बजे गांव मूसेपुर पहुंचा तो पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे।
विज्ञापन


हाथों में तिरंगा लेकर चल रही भीड़- जब तक सूरज चांद रहेगा, दलवीर तेरा नाम रहेगा के नारे के जरिए शहीद के प्रति आदर दर्शा रही थी तो वहीं चेहरों पर पाक के खिलाफ नफरत और आंखों में अंगारे उबल रहे थे। अंतिम यात्रा में शामिल भीड़ आवाज बुलंद कर रही थी कि पाक सेना को सबक सिखाने के लिए सरकार भारतीय सेना को छूट दे।  

शहीद दलवीर सिंह का पार्थिव शरीर लेकर 57 राष्ट्रीय रायफल्स के नायब सूबेदार करतार सिंह के नेतृत्व में सेना के जवान रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस लाइन पहुंचे थे। वहां से सोमवार की सुबह करीब सात बजे उनके घर के दरवाजे अंतिम दर्शन के लिए शव रखा गया।
विज्ञापन


अंतिम यात्रा में सैकड़ों की तादाद में युवक तिरंगा झंडा हाथ में लेकर हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए चल रहे थे। शव को चिता में रखने के बाद सेना की टुकड़ी ने सलामी दी। आरएएफ में छत्तीसगढ़ में तैनात शहीद के बड़े भाई सत्यवीर सिंह ने सुबह करीब 10 बजे मुखाग्नि दी। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, विधायक ठा. दलवीर सिंह, अनिल पाराशर, राजवीर दिलेर, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी अजय साहनी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, पूर्व सांसद एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी विजेंद्र सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

इसके बाद प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, विधायक एवं अधिकारियों ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की ओर से 25 लाख रुपये की मदद का चेक सौंपा। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गांव में खेल का मैदान बनवाने की भी घोषणा की गई।

मूसेपुर के एक भी घर में नहीं जला चूल्हा
शहीद के गांव मूसेपुर में क्या बड़ा, क्या बच्चा सभी दुखी हैं। पूरे गांव में चूल्हा नहीं जला। शहीद के घर के आसपास रहने वाले परिवारों की महिलाएं भी शव को देखकर फफक फफक कर रोईं। बच्चे और बड़े भी अपने आंसू रोक नहीं सके। रविवार को जैसे ही यह खबर गांव पहुंची उसके बाद से गांव के कई लोगों ने पानी तक नहीं पिया।

मां, पत्नी और पिता के नहीं थम रहे थे आंसू
शहीद की पत्नी, मां और पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पत्नी और मां तो दहाड़ मारकर रो रही थीं। उन्हें चुप कराने की कोशिश करते हुए परिवार और गांव की महिलाएं भी अपने आंसू पोंछती जातीं और आंसू बहते जाते। ऐसा मार्मिक माहौल था कि दूर गांवों से पहुंचने वालों के भी आंसू आ रहे थे। 

करीब बीस गांवों से पहुंचे लोग 
शहीद के अंतिम संस्कार में करीब बीस गांवों से लोग पहुंचे। तड़के पहर से ही लोग मूसेपुर गांव के रास्ते पर चले जा रहे थे। हर कोई दुखी था। आए दिन जवानों की सीमा पर हो रही शहादत से पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश भी उनकी बातों में साफ था। 

शहीद की याद में गांव में बनेगा स्टेडियम
शहीद दलवीर सिंह की याद में मूसेपुर गांव में स्टेडियम बनेगा। दलवीर सिंह की इच्छा थी कि गांव में स्टेडियम बने ताकि गांव के युवा और बच्चे वहां पर सेना में भर्ती होने की तैयारी कर सकें। साथ ही खिलाड़ी बनकर उभरें। शहीद की यह इच्छा अधिकारियों के जरिए शासन तक पहुंची है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें