गोंडा के गांव सुबकरा में बीती 17 जुलाई को एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी होने पर आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। इसी खुन्नस में रविवार रात आरोपी के परिवार वालों ने पीड़ित को पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ भी गाली-गलौज, अभद्रता करते हुए खींचतान कर दी। जिसमें एक उपनिरीक्षक को चोट आई। एक गर्भवती महिला पुलिस की गाड़ी के आगे भी लेट गई। पुलिस ने इस घटना में दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की हैं। इस मामले में चार लोगों के विरुद्ध दो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
थाना प्रभारी मोनू कुमार आर्य ने बताया कि गांव सुबकरा निवासी रूपेंद्र ने आरोप लगाया था कि 17 जुलाई को उसके गांव के राजकुमार ने उसका फोन घर से चोरी कर लिया, जिसे कस्बा गोंडा में रंगे हाथ पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
रविवार रात करीब आठ बजे रुपेंद्र ने पीआरवी को सूचना दी कि मोबाइल चोरी में जेल गए आरोपी राजकुमार की पत्नी सीता, भाई वेदप्रकाश, जसवंत और पिता बच्चू सिंह उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मौके पर जब पीआरवी पहुंची तो आरोपी उनके साथ भी बदसलूकी करने लगे। सूचना थाना पुलिस को मिली तो उपनिरीक्षक अभिनव तोमर पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए।
आरोपी पक्ष वहां रुपेंद्र से मारपीट कर रहा था, जिसमें उसे चोटें आ गईं। पुलिस ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया तो वे आक्रोशित हो गए। उन लोगों ने गाली-गलौज, अभद्रता करते हुए पुलिस के साथ खींचतान शुरू कर दी, पुलिस को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। खींचतान में उपनिरीक्षक अभिनव तोमर को चोट लगी। राजकुमार की गर्भवती पत्नी सीता पुलिस की गाडी के आगे लेट गई, जिसे पुलिस ने बमुश्किल वहां से हटाया।
रूपेंद्र सिंह ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता है। रविवार शाम को जब वह घर लौट रहा था तो रास्ते में राजकुमार के पिता बच्चू सिंह, भाई वेदप्रकाश व जसवंत, सीता पत्नी राजकुमार उसे घर के बाहर घेर लिया और गाली- गलौज करते हुए मारा-पीटा। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध एक रिपोर्ट घायल रूपेंद्र की ओर से दर्ज की गई है। दूसरी रिपोर्ट पुलिस के साथ अभद्रता करने के आरोप में उपनिरीक्षक की ओर से दर्ज कराई गई है। आरोपी पक्ष का आपराधिक इतिहास है। मोबाइल चोरी में जेल भेजे गए राजकुमार के पांच अन्य भाई भी हैं। उनके पिता सहित सभी भाइयों पर छह से अधिक रिपोर्ट दर्ज हैं।