विपुल शर्मा बताते हैं कि गिलहरियों के आने से उनके घर में सुख- समृद्धि आई है। कारोबार में भी वृद्धि हुई है। वह बताते हैं कि जिस दिन गुन्नू-बुन्नू उनके परिवार में आए थे, उसके तीसरे दिन ही तीस हजार रुपये का लाभ हुआ। इन्हीं रुपयों की एफडी करा दी गई, जिससे उनके खानपान का खर्च चलता है।
मान्यता : शुभ होती है गिलहरी
बैंक कॉलोनी निवासी पंडित परितोष उपाध्याय बताते हैं कि ज्योतिष दृष्टि और सनातन धर्म के परंपरा के अनुसार गिलहरी शुभ मानी जाती है। गिलहरी भगवान राम को प्रिय है। अगर गिलहरी आपके घर में फुदकना शुरू कर दे, तो जल्द ही शुभ समाचार मिलता है। राम सेतु निर्माण के दौरान भी गिलहरी ने वानर सेना के साथ बड़े पत्थरों के बीच छोटी-छोटी कंकड़ी डालकर पुल को मजबूत किया था। जब भगवान राम ने स्नेह से गिलहरी पर हाथ फेरा, तो उऩकी तीन उंगली उस पर छप गई। शहर में अचलताल स्थित हनुमान जी का प्रसिद्ध गिलहराज मंदिर है, जहां मूर्ति का स्वरूप गिलहरी का है।
रसोई में मांगती है खाना और जींस की जेब में सोना है पसंद
भूख लगने पर ये गिलहरियां परिवार के सदस्यों को चीं-चीं कर आवाज देती हैं। रसोई में खाना बनाने के दौरान प्लेटफार्म पर बैठ जाती हैं और किसी बच्चे की तरह खाना मांगती हैं। जींस की जेब में सोना इन्हें बहुत पसंद है। विपुल बताते हैं कि उन्होंने इंटरनेट के जरिए गिलहरियों के लालन-पालन की जानकारी ली। ड्रॉपर से उन्हें दूध पिलाकर बड़ा किया। अब वह उनके आंगन में फुदकती हैं। आवाज देने पर दौड़ लगाकर उनके पास आती हैं।