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Aligarh News: शराबी दबंगों के डर से पलायन को मजबूर परिवार, लिखा यह मकान बिकाऊ है

Mon, 12 Jun 2023 01:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आरोपियों से धमकी मिलने के बाद उन्होंने गांव छोडने का मन बनाकर घरों पर संदेश लिखकर पलायन का ऐलान कर दिया। लोगों का कहना है कि गांव में पिछड़ा और अनुसूचित समाज की संख्या एक तिहाई है जबकि सत्तर फीसदी क्षत्रिय समाज है। क्षत्रिय समाज के सभ्रांत लोग भी इन शराबी और उपद्रवी तत्वों से बचते हैं जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।
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दबंगों के डर से महिला ने घर पर लिखा यह मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुढ़ांसी गांव के मजरा इटावली में क्षत्रिय समाज के चंद लड़कों की दबंगई से गांव में रहने वाले प्रजापति और बघेल समाज के कई परिवारों ने पुलिस की अनदेखी से नाराज होकर अपने घरों पर पलायन करने की बात लिख दी है। इन लोगों का आरोप है कि कुछ लडके आये दिन दबंगई दिखाते हैं विरोध करने पर उन्हें तथा उनके बडे़ जनों को पीटते हैं साथ ही घरों में घुसकर महिलाओं से गाली गलौज तक कर देते हैं।

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सबसे ज्यादा पीड़ा तो इन्हें इस बात की है कि पहले तो हल्का पुलिस उनकी शिकायत पर तबज्जो नहीं देती। कई कई दिन चक्कर लगाने पर केवल शांतिभंग या मामूली धराओं में कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लेती है जिसके बाद शाम को गांव लौटकर आरोपी उनका रास्ता रोक लेते हैं और फिर पीटते हैं क्योंकि गांव के प्रवेश मार्ग पर ही इन लोगों के मकान बने हैं।

शनिवार दोपहर की घटना में प्रजापति समाज के राकेश पुत्र चरन सिंह के गांव के बाहर टायर पंचर का खोखा है जोकि कर दोपहर बंद था। यहां पहले उपद्रवी लडकों ने तोड़फोड़ की, इस पर भी कसक नहीं मिटी तो पीटने के लिए उसके घर जा धमके, न मिलने पर छोटे भाई राजू की पत्नी से गाली गलौज करते हुऐ धमकाया कि गांव छोड़ दो नहीं तो जान से हाथ धो बैंठोगे।
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उसके बाद उसके घर बघेल समाज के अंकित पुत्र राजेन्द्र सिंह के घर जाकर गाली गलौज की और महिलाओं को धमकाया। शनिवार को ही जब ग्रामीण तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने हल्का प्रभारी को तहरीर भेजने की बात बताकर गांव वापस लौटा दिया लेकिन रविवार सुबह तक पुलिस गांव नहीं पहुंची। वहीं आरोपियों से धमकी मिलने के बाद उन्होंने गांव छोडने का मन बनाकर घरों पर संदेश लिखकर पलायन का ऐलान कर दिया।

प्रजापति और बघेल समाज के लोगों का कहना है कि गांव में पिछड़ा और अनुसूचित समाज की संख्या एक तिहाई है जबकि सत्तर फीसदी क्षत्रिय समाज है। क्षत्रिय समाज के सभ्रांत लोग भी इन शराबी और उपद्रवी तत्वों से बचते हैं जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।

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