एएमयू ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन परिसर में बरनी फाउंडेशन द्वारा सर सैयद अहमद खां की पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में एसिड अटैक से पीड़ित युवती ऋतु सैनी को ‘चराग-ए-समाज’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त समारोह में शायर पंडित आनंद मोहन जुत्शी गुलजार देहलवी को चराग-ए-तहजीब, बुलंदशहर के फैजुल हसन कादरी को चराग-ए-बरन एवं लखनऊ ईदगाह के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी मेहली को चराग-ए-तालीम से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एएमयू शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रजाउल्लाह खान तथा संचालन फाउंडेशन के अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी ने किया। इस मौके पर शहर मुफ्ती खालिद हमीद, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. आजम मीर खान, प्रो. मोहम्मद शमीम अहमद, रूही जुबैरी, मौलाना इस्लाही, अहमद कलीम, शब्बू, अबु फरहा शाजली, लियाकत खान, सैयद माजिन हुसैन जैदी, डॉ. नुरुल अमीन, प्रो. शबाहत, प्रो. अनीस अहमद, डॉ. मुहिब उल हक, खुर्शीद अहमद, सलमान साबिर, आफाक अहमद, आमिर मिंटो आदि मौजूद थे।
हमलोग ‘सेफ’ बहनों के लिए लड़ रहे है : ऋतु
अलीगढ़। एसिड अटैक की शिकार ऋतु सैनी आज अपनी जैसी पीड़ित युवती एवं महिलाओं के लिए काम कर रही है। आगरा में शीरोज हैंगआउट कैफे से जुड़ी ऋतु कहती है कि हम लोगों के साथ जो हुआ, वह ‘सेफ’ बहनों के साथ न हो, इसके लिए लड़ाई लड़ रहे है।
बरनी फाउंडेशन द्वारा चराग-ए-समाज से सम्मानित ऋतु कहती है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद खुलेआम एसिड बिक रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह फालोअप करे और खुलेआम बिक्री पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि मई 2012 में हरियाणा में उनके साथ एसिड अटैक की घटना हुई थी।
दोषियों को कड़ी सजा मिल गई है। एसिड अटैक की घटना के बाद सर्वाइव करना मुश्किल होता है। हमलोगों ने संघर्ष कर आगे बढ़ी। समाज का पूरा सपोर्ट मिला। ऐसी घटनाएं आगे न हो, इसके लिए ठोस इंतजाम के साथ-साथ मानसिकता बदलने की भी जरूरत है। एसिड अटैक की घटनाएं न हो, इसके लिए समाज को भी आगे आना होगा।