शताब्दी एक्सप्रेस में पकड़ा गया फर्जी टीटीई।
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शताब्दी एक्सप्रेस में फर्जी फर्जी चल टिकट निरीक्षक (टीटीई) बनकर टिकट चेक कर रहे एक युवक को आरपीएफ ने सोमवार की सुबह साढ़े 10 बजे गाजियाबाद में दबोच लिया। आरोपी अलीगढ़ स्टेशन से ट्रेन में सवार हुआ था। उसने काला कोट पहनकर गले में फर्जी आई कार्ड लटका रखा था। उसकी पहचान एटा निवासी दुर्वेश कुमार के रूप में हुई है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी कानपुर से नई दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस (12033) में सफर कर रहा था। टिकट जांच के दौरान खुद को रेलवे का टीटीई बताने लगा। स्टाफ ने जब उससे पहचान पत्र मांगा तो उसने संदिग्ध आईडी कार्ड प्रस्तुत किया। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कर्मचारियों को संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ को सूचना दी।
आरपीएफ टीम ने पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रेलवे कर्मचारी नहीं है और फर्जी टीटीई बनकर ट्रेनों में यात्रा करता है। आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र और रेलवे का लोगो लगा नेक रिबन भी बरामद किया गया। पूछताछ के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी गाजियाबाद के सुपुर्द कर दिया गया।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एसएन पाटीदार ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि वह इसी कार्ड पर कई ट्रेनों में सफर कर चुका है। रौब गांठने, फ्री में यात्रा करने और वसूली के लिए वह ऐसा करता था। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जनसंपर्क अधिकारी ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, टिकट जांच स्टाफ अथवा रेल मदद के माध्यम से दें।