गभाना तहसील के चंडौस ब्लाक की ग्राम पंचायत कसेरू में 600 बीघा जमीन के 1999 में 92 लोगों के नाम पर फर्जी पट्टा आवंटन का फर्दाफाश हुआ है। इस मामले में डीएम के आदेश पर 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके साथ ही पट्टे भी निरस्त कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन को कसेरू गांव में 1999 में 600 बीघा ग्राम समाज की जमीन का फर्जी पट्टा 92 लोगों के नाम पर होने की शिकायत मिली थी। इस पर डीएम ने मामले की जांच एसडीएम गभाना से कराई। उन्होंने जांच के दौरान तहसील के अभिलेख खंगाले तो इस प्रकार के किसी भी पट्टा आवंटन के संबंध में पत्रावली नहीं मिली। साथ ही यह भी सामने आया कि 1986 में प्रधान रामभूल शर्मा ने 71 लोगों के नाम 600 बीघा जमीन का कृषि पट्टा किया था। इसकी भी शिकायत हो गई तो मामला राजस्व परिषद, इलाहाबाद में चला। वहां से 2019 में परिषद ने 35 पट्टे सही माने और 36 निरस्त कर दिए।
जिन लोगों के पट्टे निरस्त हुए वह हाईकोर्ट चले गए। मामला हाईकोर्ट में अभी भी विचाराधीन है। डीएम चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक कसेरू के मामले में पूरी जांच करने के बाद सामने आया है कि 92 लोगों के नाम पर फर्जी पट्टे किए गए। इस मामले में चंडौस थाने में फर्जी पट्टा आवंटन के मामले में प्रशासन द्वारा गायत्री, हेतपाल, बीना देवी, ऋषि पाल, जय किशोर, रामवीर गिरी, रेखा देवी, स्व. दुलारी देवी, स्व. सत्यवती, रानीदेवी, स्व. देवी सिंह, राकेश, किरनपाल, शारदा देवी, मंजू देवी, महेश सिंह थाना चंडौस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।