संभागीय परिवहन कार्यालय कोरोना काल में फिर से पटरी पर लौटने लगा है। इसके साथ ही इसके सामने चलने वाला मिनी आरटीओ’ यानी साइबर कैफों की आड़ में दलालों की दुकानों में भी अब भीड़ आने लगी है। इसका फायदा उठाकर अब मिनी आरटीओ के माहिर खिलाड़ी फिर से फर्जी बीमा कागज बनाने का काम करने लगे हैं।
इस खेल में विभाग के बाबू भी शामिल रहते हैं। वाहनों की सरकारी फाइलों में इन फर्जी कागजों को मान्य कराकर बाबुओं की सांठगांठ से पहुंचा दिया जाता है। उच्चाधिकारी इस खेल के प्रति आंखें मूंदे बैठे हैं। फर्जी बीमा कागज का सबसे अधिक खेल टू व्हीलर गाड़ियों में हो रहा है। फर्जी बीमा कागज दिखने में बिल्कुल असली लगते हैं। ये कागज मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद बढ़ी चेकिंग से भी बचा लेता है। लोग ट्रैफिक पुलिस को जल्दबाजी में यह दिखा देते हैं और बचकर निकल जाते हैं। यह फर्जी बीमा बाइके लिए महज 300 रुपये और बाइक में 200 रुपये में जारी हो जाता है। कई बार तो वाहन धारक द्वारा असली बीमा कराने का पैसा दिया जाने के बाद भी दलाल उसे फर्जी कागज थमा देते हैं।
क्यूआर कोड से ऐसे करें चेक
व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट में एक क्यूआर कोड का ब्लैक रंग का कॉलम बना होता है। इसको स्कैन करने के लिए आपको सबसे पहले अपने मोबाइल में क्यूआर बारकोड एप डाउनलोड करना होगा, जिसके बाद आपको सर्टिफिकेट में बने क्यूआर कोड को अपने मोबाइल के क्यूआर बार कोड एप से स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही आपके मोबाइल में इंश्योरेंस सर्टिफिकेट खुल जाएगा। अगर उस सर्टिफिकेट में आपका नाम, व्हीकल नंबर समेत अन्य चीजें सही हैं तो आपका व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट सही है।
आंकड़े
100 रुपये में बनता टू व्हीलर का फेक व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट
887 रुपये का ओरिजनल इंश्योरेंस है थर्ड पार्टी का
100 से अधिक व्हीकल्स का इंश्योरेंस प्रतिदिन आरटीओ के बाहर व आसपास होता है
30 से 40 व्हीकल इंश्योरेंस प्रतिदिन फर्जी बनवाते हैं लोग
32 पर हुई थी कार्रवाई, फिर अधिकारी मौन
बीमा सलाहाकार शरद बंसल ने बताया कि आरटीओ कार्यालय के बाहर संचालित दुकानों पर धड़ल्ले से 100 से 200 रुपये में फर्जी बीमा कागज काम हो रहा है। इसकी पिछले वर्ष शिकायत भी की गई थी, जिसके बाद जांच हुई। इसमें 32 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। अब फिर से वह धंधा चालू हो गया है। अधिकारी इस पर मौन हैं। आखिरी सवाल यह है कि कैसे फर्जी बीमा कागजों को वाहन ट्रांसफर या फिटनेस के दौरान मान्य कर दिया जाता है। 40 प्रतिशत वाहनों की फाइलों में फर्जी बीमा कागज लगे हैं।
दलालों के खिलाफ पिछले वर्ष मुकदमा दर्ज कराया था। फर्जी बीमा बनाने और उसे फाइलों में मान्य करने के बारे में जानकारी मिली है। इस संबंध में जांच बैठाई जाएगी। जिन भी बाबुओं की सांठगांठ या सत्यापन में लापरवाही सामने आएगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केडी सिंह गौर, आरटीओ