गिरफ्तार फराज ने वर्ष 2022 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान मे स्नातक किया था और 2023 में एमबीए के लिए प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुआ, जबकि कोर्ट में समर्पण करने वाला अब्दुल समद मलिक एएमयू से एमएसडब्ल्यू मास्टर इन सोशल वर्क कर रहा था। अब पकड़ा गया फैजान भी एएमयू का छात्र है।
फिर एक बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र को आतंकवादी संगठन से जुड़ने और गिरफ्तार किया जाना चिंता का विषय है। एएमयू से जुड़ा होना उससे भी ज्यादा चिंता का विषय है। संपूर्ण देश में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए खुशी का वातावरण है। अलीगढ़ में जिस प्रकार से आतंकी पकड़े जा रहे हैं वह गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं। केंद्र और प्रदेश में एक सक्षम सरकार होने के कारण उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र और प्रदेश की सरकारों से आग्रह है और कड़ी कार्रवाई करते हुए इनके खिलाफ जांच करें।-पुष्पेंद्र पचौरी, ब्रज क्षेत्र सहसंयोजक भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ
कुछ वर्ष पूर्व जम्मू-कश्मीर में सेना ने एएमयू छात्र आतंकी मन्नान वानी हो मार गिराने का मामला हो या अब एटीएस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों का मामला, इनसे स्पष्ट है कि एएमयू कैम्पस में आतंकी पनाह पाए हुए हैं। एएमयू इंतजामिया के कोई कार्रवाई नहीं करने से सवाल उठ रहा है कि इन्हें संरक्षण प्राप्त है। प्रशासन को कैंपस में इस तरह के लोगों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाना चाहिए और शिनाख्त कर कार्रवाई करें।-अमित गोस्वामी, उपाध्यक्ष भाजयुमो महानगर
अब तक न जाने कितने संदिग्ध आतंकवादी इस विश्वविद्यालय से पकड़े जा चुके हैं, लेकिन फिर भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का प्रशासन नहीं करता है। आखिरकार इन पर कार्रवाई करने से एएमयू प्रशासन क्यों डरता है। -बल्देव चौधरी सीटू, छात्र नेता