साथ में संगठन ने अपनी मांगों का उल्लेख करते हुए कहा है कि अगर मांगों को 48 घंटों में पूरा नहीं किया गया तो संगठन सभी उपलब्ध माध्यमों से आगे बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। फाइमा संगठन जेएनएमसी के डॉक्टरों के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम चुप नहीं रहेंगे और न अन्याय को नजरअंदाज होने देंगे। हमारे डॉक्टरों के लिए न्याय अत्यंत आवश्यक है।
ये की गईं प्रमुख सात मांगें
- रेजिडेंट डॉक्टरों को जारी किए गए सभी निलंबन नोटिस तुरंत रद्द किए जाएं।
- विरोध कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं।
- हमलावरों के खिलाफ एफआईआर तुरंत दर्ज की जाए और आरोप पत्र दाखिल किया जाए।
- सहायक प्रॉक्टर फराज फारूक को जिम्मेदारियां निभाने में विफलता पर जांच होने तक पद से हटाया जाए।
- घायल डॉक्टरों को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
- एक गेट पास प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाए जिससे प्रति रोगी दो से अधिक परिचारकों की अनुमति न हो।
- अस्पताल परिसर में सुरक्षा ऑडिट किया जाए और सुरक्षा उपायों को स्पष्ट रूप से बढ़ाया जाए।