तहसीलों से जारी होने वाले जाति, आय एवं मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने वालों को अब बेवजह अफसरों के कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे और उन्हें संबंधित प्रमाण पत्र निर्धारित अवधि में जारी कर दिए जाएंगे। प्रदेश के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने तहसीलों से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों को निर्धारित समय सीमा में ही जारी करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि निर्धारित अवधि में प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो उन्हें जारी करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक न मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
चक्कर लगाते रहते हैं आवेदक
तहसील मुख्यालयों पर जाति, आय, मूल निवास पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी आवेदक कई दिनों तक प्रमाण पत्र पाने के लिए चक्कर काटते रहते हैं। इसके बाद भी उन्हें समय से प्रमाण पत्र नहीं मिल पाते हैं। कई बार प्रमाण पत्र जारी न होने से आवेदक को नौकरी एवं अन्य जरूरी काम में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर इसकी शिकायतें भी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचती हैं।
20 दिन में आय, जाति व मूल निवास, 30 दिन में मिलेगा वारिसान
राजस्व राज्यमंत्री ने कहा कि आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्रों को जारी करने के लिए अधिकतम 20 दिन एवं वारिसान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया है। यदि निर्धारित समय में प्रमाण पत्र जारी न हुए और आवेदक तहसीलों में घूमते हुए मिले तो अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तहसीलों में भीड़ कम करने की कवायद
राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान का कहना है कि सभी प्रकार के प्रमाण पत्र समय से जारी होने चाहिए। इससे तहसीलों में बेवजह लगने वाली भीड़ को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्र को समय सीमा के अंदर जारी करने के लिए प्रदेश मुख्यालय से भी निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में जारी होने वाले प्रमाण पत्रों की समीक्षा की गई तो जनपद फतेहपुर, सिद्वार्थ नगर, मथुरा, मुरादाबाद व देवरिया में निर्धारित समय के बाद भी आवेदन लंबित पाए गए हैं। राजस्व राज्यमंत्री को अलीगढ़ में एक जनवरी से 16 मई तक आय, जाति, मूल एवं वारिसान प्रमाण पत्र के लिए 1.76 लाख आवेदन मिले। इनमें से 1.45 लाख आवेदन स्वीकृत करते हुए उन्हें निर्धारित जांच प्रक्रिया के बाद जारी कर दिया गया है, करीब 25 हजार आवेदनों को अस्वीकृत किया गया है। 5865 आवेदन लंबित हैं। इनमें 97 आवेदन निर्धारित समय सीमा से बाहर के हैं और दो आवेदनों को रद्द किया गया है।