बाजार में मिथायल अल्कोहल के मिश्रण के सैनिटाइजर आ रहे हैं, जो किसी की भी मौत का कारण बन सकते हैं। सरकारी एजेंसियों और खुफिया तंत्र ने भी इसकी जानकारी दी है। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन सतर्क हो गया है, सभी तरह के सैनिटाइजर के नमूने गोपनीय तरीके से प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जो सैनिटाइजर मानक के अनुरूप नहीं होंगे, उनके निर्माताओं के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई होगी। मानक विरुद्ध सैनिटाइजर बेचने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस तरह की सूचनाएं मिली हैं। इसलिए सतर्कता और सजगता बढ़ा दी गई है। नमूने लेने और जांच कराने का क्रम शुरू हो चुका है। अभी कुछ नमूने मेरठ स्थित आबकारी विभाग की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने तक और कई अलग-अलग ब्रांड के नमूनों की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इथायल अल्कोहल से बने सैनिटाइजर ही बेहतर हैं। इनका प्रयोग करना उचित रहता है। मिथायल अल्कोहल के सैनिटाइजर से आंखों की रोशनी जा सकती है। मुंह में जाने पर जान भी जा सकती है।
धीरज शर्मा ने बताया कि अलीगढ़ के आसपास ऐसी कोई इकाई नहीं है जहां मिथायल अल्कोहल बनता हो। इसलिए यहां इसके प्रयोग की संभावना कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर बाजार में जितने भी सैनिटाइजर हैं, उनके नमूनों की जांच कराई जाएगी। जिससे कहीं भी कोई कमी न रह जाए।