लंबे इंतजार के बाद यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 के लिए यहां यूपी बोर्ड ने 213 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया है। पिछली बार डिबार किए गए 25 परीक्षा केंद्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। शनिवार की देर शाम परिषद की वेबसाइट पर यह सूची अपलोड कर दी गई। लिस्ट आने के बाद अधिकारी इस बारे में जानकारी करने में जुट गए। अभी परीक्षा केंद्र बनाए गए विद्यालयों का जिला परीक्षा समिति परीक्षण करेगी और उसके बाद अंतिम लिस्ट फाइनल की जाएगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा का परीक्षा कार्यक्रम पूर्व में ही निर्धारित किया जा चुका है। बोर्ड परीक्षाएं इस बार 6 फरवरी से होंगी। इस जिले में 1.86 लाख विद्यार्थी यूपी बोर्ड की परीक्षा देंगे। नकल विहीन परीक्षा कराने के मकसद से शासन ने इस बार यह निर्णय लिया था कि परीक्षा केंद्रोें का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए सभी विद्यालयों से ऑनलाइन सूचनाएं मंगवाई गई थी। इन सूचनाओं में यह पूछा गया था कि विद्यालयों में कितने कमरे हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय से कितनी दूरी है।
स्टाफ की क्या स्थिति है। अन्य अहम जानकारियां भी मांगी गई थीं। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व संचालकों ने यह जानकारी अपलोड कराई थी तो उसके बाद परिषद ने इसका सत्यापन डीआईओएस व उनकी टीमों से कराया था। डीआईओएस ने भी अपनी आख्या भेज दी थी। अब परिषद ने इस जिले में 213 विद्यालयों में परीक्षा कराने का फैसला लिया है। परिषद ने परीक्षा केंद्रों की लिस्ट अपलोड कर दी। इसकी जानकारी मिलते के बाद ही डीआईओएस व अन्य अधिकारी सक्रिय हो गए। परिषद द्वारा बनाए गए केंद्रों में 154 विद्यालय पिछली साल भी परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जबकि 59 विद्यालय नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि परिषद ने लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट अभी अनंतिम है। अभी इन परीक्षा केंद्रों का जिला परीक्षा समिति भौतिक सत्यापन करेगी। इसके बाद समिति भी शासन को अपनी आख्या भेजेगी। तब फाइनल लिस्ट जारी होगी।
केंद्र निर्धारण में शासन का रुख सख्त, 60 केंद्र किए कम
परिषद ने इस बार परीक्षा केंद्र निर्धारण में सख्त रुख अपनाया है। इस बार केंद्रों की संख्या में काफी कटौती की है। पिछली बार जिले में 273 परीक्षा केंद्र बने थे। नकल के लिए करीब एक दशक से कुख्यात रहे इस जिले में पिछले शैक्षिक सत्र में जहां नकल भी जमकर हुई थी तो जिला प्रशासन ने काफी ताबड़तोड़ कार्रवाई भी की थी। काफी केंद्रों को डिबार किया था। यही नहीं गड़बड़ी पाए जाने पर 25 अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को तो निलंबित तक करने के आदेश दिए थे। माना जा रहा है कि इस बार पिछली साल की अपेक्षा काफी कम वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है।