नगर पालिका हाथरस क्षेत्र का विस्तार हुए पांच साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन इसमें शामिल किए गए ग्रामीण इलाके आज भी विकास से पूरी तरह अछूते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि शहर का हिस्सा बनने के बाद उनके दिन बहुरेंगे, लेकिन हकीकत इसके उलट है।
आज स्थिति यह है कि नगर पालिका में शामिल होने के बावजूद इन इलाकों की हालत गांवों से भी बदतर हो चुकी है। बिजली, पानी, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याओं से जनता त्रस्त है।
वार्ड 19 : श्मशान घाट के रास्ते पर कीचड़, पेयजल का संकट
मथुरा रोड स्थित वार्ड संख्या 19 में भगवंतपुर, वसुंधरा स्टेट कॉलोनी और कलेक्ट्रेट प्रशासनिक कॉलोनी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इस वार्ड में करीब 6 हजार वोटर और 19 हजार की आबादी निवास करती है।
बीते तीन साल से यह पूरा इलाका जलभराव और जर्जर रास्तों की मार झेल रहा है। भगवंतपुर से श्मशान घाट जाने वाला कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी में डूबा हुआ है, जिससे शवयात्रा ले जाने में लोगों को भारी परेशानी होती है। वहीं, परिषदीय स्कूल के ठीक सामने जलनिकासी न होने से हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे स्कूली बच्चों का निकलना दूभर है।
अधूरी योजनाएं : क्षेत्र में अभी तक अमृत योजना के तहत पानी की पाइपलाइन नहीं डाली जा सकी है।
वार्ड 09 : भीषण गर्मी में पानी का संकट, अंधेरे में सड़कें
इसी तरह वार्ड संख्या 09 की स्थिति भी बेहद दयनीय है। इस वार्ड में नगला सड़क (आंशिक), नगला कुंवरजी (आंशिक), नगला कुंवरजी की मढ़इया, विद्या नगर, नगला भूरा (आंशिक), राधा सिटी, राधा वैली, विनायक एन्क्लेव और जोगिया जैसे इलाके आते हैं। यहां भी 20 हजार की आबादी और 6 हजार वोटर बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
पानी के लिए हाहाकार : इस भीषण गर्मी में वार्ड के 50 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। पानी की पुरानी पाइपलाइनें जगह-जगह से लीक हो रही हैं, जिससे दूषित पानी की समस्या बनी हुई है।
अंधेरे के साए में : शहर में शामिल होने के बाद भी इन पॉश कॉलोनियों और क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई गई हैं, जिससे रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है।
सड़क पर जलभराव और गंदगी : विद्या नगर के सामने इगलास रोड पर नाला न होने के कारण सारा पानी सड़क पर जमा रहता है। इसके अलावा, नगर पालिका द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी नहीं किया जा रहा है, जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।
- वार्ड में स्ट्रीट लाइट, पानी और जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पाइपलाइन में लीकेज रहती है। भीषण गर्मी में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, हैंडपंप खराब हैं। रात में अंधेरा रहता है। - अमित कुमार निवासी जोगिया।
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद लोगों को काफी उम्मीद थी कि क्षेत्र में विकास होगा, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। हम लोग पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सड़क निर्माण चाहते हैं।
-बंटी निवासी भगवंतपुर।
नगर पालिका में शामिल होने के तीन साल बाद भी क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए हैं। श्मशान जाने वाला रास्ता बदहाल है। भीषण गर्मी में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। वार्ड क्षेत्र में अभी अमृत योजना की पाइपलाइन भी नहीं डाली गई है। जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग बहुत परेशान हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही।
-हिमांशु कौशिक, सभासद वार्ड-19
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कई बार जन समस्याओं पर प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गर्मी में भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। 50 हैंडपंप खराब हैं, इनमें से 15 रिबोर के लिए हैं। तीन साल में विकास कार्य नहीं हुए हैं। इगलास रोड पर विद्या नगर के सामने नाली निर्माण न होने से सड़क पर जलभराव रहता है।
-धर्मेंद्र कुमार दिवाकर, सभासद वार्ड-09
विस्तारित क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पिछली बोर्ड की बैठक में सड़क से लेकर पेयजल व स्ट्रीट लाइट के प्रस्ताव पास हुए हैं, जिन पर कार्य कराया जा रहा है।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका हाथरस।
गांव में पसरा गंदगी। संवाद