कोरोना के खौफ पर मतदाताओं का उत्साह भारी पड़ा। गांव की सरकार को चुनने के लिए मतदाता सुबह से ही कतार लगाकर मतदान केंद्रों पर खड़े हो गए। इस बीच, कई जगहों पर हिंसा, बवाल भी हुआ। मतपेटियां भी लूटी गईं। लेकिन मतदाताओं को अपने अधिकारों का प्रयोग करने से नहीं रोक सके। जिले में रिकॉर्ड 74.5 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले 2015 के पंचायत चुनाव में 73 प्रतिशत मतदान हुआ था।
इस बार गांव की सरकार को चुनने में युवाओं, महिलाओं ने जमकर भागीदारी निभाई। सबसे अधिक मतदान 78.5 प्रतिशत अतरौली ब्लाक में हुआ। इसके बाद दूसरे नंबर पर लोधा ब्लॉक रहा। सबसे कम मतदान खैर ब्लाक में 68 प्रतिशत हुआ।
यहां बूथ से मतपेटिकाएं लूटने की घटना का मतदान के अंतिम समय पर असर पड़ा। हालांकि, शुक्रवार को आंकड़ों में कुछ फेरबदल हो सकता है। पोलिंग पार्टियों की ओर से स्ट्रांग रूम में मतपेटिकाओं को जमा कराने के दौरान अंतिम रिकार्ड तैयार किया गया, जिसे आज जिला निर्वाचन कार्यालय को दिया जाएगा।
पोलिंग पार्टियों ने देर रात तक जमा कराईं मतपेटिकाएं
केंद्रों पर मतदान संपन्न कराने के बाद पोलिंग पार्टियों ने मतपेटिकाओं को सील किया। सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट की निगरानी में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ब्लाकवार बनाए गए स्ट्रांग रूम तक पहुंचाईं। धनीपुर ब्लॉक के स्ट्रांग रूम में देर रात एक बजे तक मतपेटिकाओं को जमा कराने का कार्य किया गया। इसके अलावा अन्य ब्लाकों का भी यही आलम रहा।
ब्लाक मतदान प्रतिशत
अतरौली 78.5
लोधा 78
बिजौली 75.5
टप्पल 74
गोंडा 74
गंगीरी 72
खैर 68
इगलास 73
धनीपुर 75
चंडौस 73.5
अकराबाद 76
जवां 72.5
जिले में कुल 74.5