एएमयू के विक़ारुल मुल्क (वीएम) हॉल में डेटिंग एप के जरिये लोगों को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद बाहरी तत्वों ने हॉल के प्रोवोस्ट को धमकाया है। शनिवार दोपहर आरोपियों ने सीधे प्रोवोस्ट कार्यालय में घुसकर हंगामा किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
प्रोवोस्ट प्रो. सरफराज अहमद की शिकायत पर थाना सिविल लाइंस में मुजफ्फरनगर निवासी गुफरान, सहारनपुर निवासी बाबर और शामली के कैराना निवासी बिलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार डेटिंग एप के माध्यम से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने के खुलासे के बाद एएमयू के हॉल के कमरों में अवैध रूप से रह रहे बाहरी तत्वों के खिलाफ अभियान चलाया गया। अवैध कब्जाधारियों को कमरों से बेदखल कर कई कमरों को सील कर दिया गया था। इस कार्रवाई से हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे बाहरी तत्व बौखलाए हुए हैं।
12 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे प्रोवोस्ट प्रो. सरफ़राज़ अहमद अपने कार्यालय में बैठकर ऑफिस का काम निपटा रहे थे, तभी आरोपी उनके कार्यालय में जा घुसे। आरोपियों ने पश्चिम एशियाई और उत्तर अफ्रीकी अध्ययन विभाग के एक छात्र के पक्ष में कमरे के आवंटन के लिए प्रोवोस्ट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सील किए गए कमरों को तुरंत खोलने की मांग करते हुए दबाव डाला।
प्रोवोस्ट का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी कमरे का आवंटन व्यक्तिगत दबाव, बाहरी हस्तक्षेप या प्रभाव के आधार पर नहीं किया जा सकता, बल्कि यह पूरी तरह से विश्वविद्यालय के नियमों और सक्षम प्राधिकारी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगा, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने कार्यालय के भीतर ही अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। राजनीतिक रसूख और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी
आरोपियों की पहचान गुफरान निवासी जसौला, मुज़फ्फरनगर, बाबर पवार निवासी मजरी, रामपुर मनिहारान, सहारनपुर और बिलाल चौधरी निवासी हालकाना, कैराना, शामली के रूप में हुई। शिकायत के अनुसार खासतौर पर बिलाल चौधरी ने रौब दिखाते हुए धमकी दी कि उसके पिता शामली में एक प्रमुख राजनीतिक दल से जुड़े हैं। उसने यहां तक कहा कि वह अपने राजनीतिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके प्रोवोस्ट को झूठे और फर्जी पुलिस मुकदमों में फंसा देगा और उनकी नौकरी व कॅरिअर पूरी तरह बर्बाद कर देगा।
घटना के तुरंत बाद मामले की सूचना एएमयू प्रशासन को दी गई। सहायक प्राॅक्टर के माध्यम से तहरीर थाना सिविल लाइंस भेजी गई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि जांच उपनिरीक्षक नितिन कुमार को सौंपी गई है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
प्रत्येक हॉल में हैं तीन से चार बाहरी तत्व
एएमयू में 18 अवासीय हॉल हैं। एक अनुमान के मुतबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रत्येक हॉल में तीन से चार ऐसे बाहरी तत्वों को चिह्नित किया है। वीएम हॉल के प्रोवोस्ट की ओर से नामजद किए गए तीनों आरोपी हॉल में पांच साल से रह रहे थे। यह कोई पैसा भी नहीं दे रहे थे। एएमयू के जानकारों के मुताबिक इन लोगों को कुछ एएमयू के की अधिकारियों का संरक्षण रहता है। बताया गया कि कुछ वर्ष पहले सुलेमान हॉल में जब बाहरी तत्वों को बाहर निकालने के लिए अभियान छेड़ा गया तो उस समय छात्रों के वेलफेयर से जुड़े एक अधिकारी बाहरी तत्वों के समर्थन में आ गए थे। अब विश्वविद्यालय प्रशासन बाहरी तत्वों के खिलाफ अभियान चला रहा है।