थाना क्वार्सी क्षेत्र से नौ साल पुराने बालक अपहरण कांड में वांछित चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश रामअवतार उर्फ भूरा निवासी कासगंज को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करने के बाद उसे थाना क्वार्सी पुलिस के हवाले किया गया है। आरोपी कुख्यात कलुआ गैंग का सदस्य रहा है।
थाना क्वार्सी के इंस्पेक्टर छोटेलाल ने बताया कि नौ अगस्त 2012 को कयामपुर में रहने वाले प्रेम शंकर उर्फ पहलवान के आठ साल के बेटे सुमित का बाइक सवारों ने अपहरण कर लिया था। घटना के कुछ दिन पहले ही प्रेम शंकर ने अपने खेत बेचे थे। इसकी भनक अपहरण करने वालों को थी। अपहरण में सिकंदराराऊ के सिमरौली के रहने वाले सतवीर और हरदुआगंज चंगेरी के संजू उर्फ संजय की भूमिका थी। ये दोनों ही पेशेवर बदमाश थे। इन दोनों ने सुमित का अपहरण करके उसको कासगंज में रामअवतार उर्फ भूरा के पास रखा था।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ढाई महीने बाद सुमित को ओल्ड फरीदाबाद से बरामद कर लिया था। इस मामले में सतवीर और संजू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एक आरोपी ने 2020 में अदालत में समर्पण कर दिया था। रामअवतार उर्फ भूरा फरार चल रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने रामअवतार उर्फ भूरा पुत्र रक्षपाल सिंह निवासी नरदौली, सिकंदरपुर, कासगंज से गिरफ्तार करके अलीगढ़ पुलिस को सौंप दिया है।
इस तरह हुआ था सुमित का अपहरण
हरदुआगंज का संजय बाइक से क्वार्सी के असदपुर कयाम निवासी प्रेमशंकर उर्फ पहलवान के खेत पर पहुंचा। वहां उसने पहलवान की मां को बताया कि उसके बेटे को 10 हजार रुपये देने हैं लेकिन उसने उनका घर नहीं देखा है। इस पर पहलवान की मां ने अपने पौत्र सुमित को उसके साथ घर दिखाने के लिए भेज दिया। रास्ते से संजय ने सुमित का अपहरण कर अपने साथियों रामभूल निवासी मनोरा हसायन, हाथरस और सुखवीर प्रधान निवासी खेड़ा सुल्तानपुर को सौंप दिया। इन दोनों ने सुमित को कासगंज के सिकंदरपुर वैस के गंगा कटरी निवासी भूरा जुलाहा और भूरा ठाकुर गैंग के हवाले कर दिया था।
कासगंज में 13 और अलीगढ़ में एक मुकदमा दर्ज है भूरा पर
रामअवतार उर्फ भूरा पर कासगंज में 13 और अलीगढ़ में एक मुकदमा दर्ज है। इसमें अपहरण, यूपी गुंडा अधिनियम, गुंडा एक्ट व अन्य संगीन धाराएं भी शामिल हैं। पकड़े जाने के बाद रामअवतार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह फरारी के दौरान सूअर पकड़ कर उसका मांस बेचने का काम करता था।