शहर में पांच हजार से अवैध निर्माण पर एडीए का चाबुक चलने वाला है। इन अवैध निर्माण कार्यों की सूची बनाई जा रही है। 15 दिन में ये सूची बन कर तैयार होगी। इसके बाद इन निर्माण कार्यों के मालिकान को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। नोटिस की 15 दिन की तयशुदा अवधि में जो निर्माण नियमानुसार कंपाउंड हो सकेंगे उनको कंपाउंडिंग के दायरे में लाया जाएगा। जिससे विकास प्राधिकरण को आय होगी, जो निर्माण कंपाउंड नहीं हो पाएंगे। उनको ध्वस्त करा दिया जाएगा। 24 अगस्त को विकास प्राधिकरण की 74वीं बोर्ड बोर्ड बैठक में इसको लेकर दिशा निर्देश तय हो सकते हैं।
वर्ष 1981 में स्थापित हुए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की सीमा में अवैध कालोनी, अवैध निर्माण की बाढ़ आ चुकी है। यहां विकास प्राधिकरण के कार्यालय के आसपास ही लोगों ने अवैध निर्माण कर लिया है। अब इन सभी को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण करने की बात कही जा रही है। एडीए के जानकारों के अनुसार स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना में किसानों को 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए भी ये कसरत हो रही है। कंपाउंडिंग के जरिए इस धनराशि को जुटाया जा सकता है। एडीए इसी संभावना पर काम कर रहा है। एडीए के एक्सईएन डीएस भदौरिया ने बताया कि फिलहाल खंडवार ऐसे निर्माण कार्यों को चिन्हित किया जा रहा है। चिन्हांकन के बाद उनको नोटिस जारी होंगे। जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
गौर हो कि 1981 में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की स्थापना के बाद से अब तक 38 साल गुजरे गए हैं लेकिन इसकी सीमा में लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं। जिन पर आज तक कोई बड़ी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। हां, कुछ मामलों में सीलिंग हुई लेकिन इसके बाद क्या हुआ..? अधिकारी इसको बताने से पल्ला झाड़ लेते हैं।