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Aligarh: विद्युतकर्मी परिवार को बंधक बनाकर दिनदहाड़े 45.40 लाख की लूट,दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर बदमाश फरार

Fri, 17 Jul 2026 10:34 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मुख्य दरवाजा खुला रह गया था। इसी बीच पत्नी बाथरूम में नहा रही थीं। करीब 10:30 बजे जब वे नहाकर बाहर निकलीं तो उन्हें बैठक वाले कमरे में कुछ आवाजें आईं। इस पर उन्होंने समझा कि कुत्ता शायद दरवाजा खुला देख कमरे में घुस गया। जब वे बैठक में पहुंचीं तो दो नकाबपोश हाथ में चाकू लिए खड़े थे।
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लूट की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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अलीगढ़ में रोरावर के जलालपुर क्षेत्र की श्रीरामपुरम फेस-2 कालोनी में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक विद्युतकर्मी के घर से दो नकाबपोश बदमाशों ने करीब 45.40 लाख की लूट को अंजाम दिया। विद्युतकर्मी के ड्यूटी जाने के बाद घर में घुसे बदमाशों ने उसकी पत्नी व बेटियों को बेहोश करने के बाद बंधक बनाकर एक घंटे तक लूटपाट की। छोटी बेटी की जान लेने की धमकी देकर डराया। लूट के बाद बदमाश बाहर से ताला लगाकर भाग गए। दोपहर हुई वारदात की सूचना शाम को मिलने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर बदमाशों की तलाश व जांच शुरू कर दी है।

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कालोनी में रहने वाले संजीव शर्मा एलमपुर बिजली घर में बाबू के पद पर कार्यरत हैं। वह पत्नी नीलम, 14 वर्षीय बेटी राधिका व साढ़े चार वर्ष की बेटी आशी संग रहते हैं। परिजन के मुताबिक शुक्रवार सुबह 9:50 बजे वह रोजाना की तरह ड्यूटी चले गए। इस दौरान मुख्य दरवाजा खुला रह गया। इसी दौरान नीलम बाथरूम में नहा रही थीं। करीब 10:30 बजे जब वह बाहर निकलीं तो उन्हें बैठक वाले कमरे में कुछ आवाजें आईं। इस पर उन्होंने समझा कि कोई कुत्ता शायद दरवाजा खुला देख कमरे में घुस गया है। जब वह बैठक में पहुंचीं तो दो नकाबपोश बदमाश हाथ में चाकू लिए खड़े दिखे। नीलम को देखते ही दोनों बदमाशों ने उनके मुंह पर रुमाल डालकर उन्हें बेहोश कर दिया। 
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फिर साथ लाए बड़े टेप से दोनों हाथ और मुंह बांध दिया। इसके बाद खींचकर अंदर ले गए जहां छोटी बेटी को चाकू से मारने की धमकी देकर बड़ी बेटी से अलमारी की चाबियां मांगीं। बड़ी बेटी ने चाबी पापा के पास होने की बात कही। इस पर बदमाशों ने दोनों बेटियों के भी हाथ और मुंह टेप से बांध दिए। इसके बाद तीनों के चेहरे गमछे और शर्ट से ढंक दिए और अलमारी को तोड़कर उसमें रखे करीब 40 हजार रुपये नकद और करीब 45 लाख कीमत के जेवर कब्जे में ले लिए। इसके बाद फिर से तीनों को रुमाल सुंघाकर बेहोश किया और महिला को बाथरूम व दोनों बेटियों को कमरे में बंद कर दिया। करीब 11:45 बजे जाते समय दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर चले गए।

बंधक बनाई गई नीलम और राधिका - फोटो : संवाद
नहीं उठे फोन, पिता ने आकर तोड़ा ताला
परिजन के अनुसार बदमाशों के जाने के कुछ देर बाद उन्हें होश तो आ गया मगर हाथ-मुंह बंधे होने से बस हाथ-पांव पटकते रहे। यह आवाजें बाहर नहीं जा सकीं। करीब 12:30 बजे संजीव ने पत्नी व बेटी के मोबाइल पर कई कॉल कीं मगर किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर दोपहर में उन्होंने इलाके के ही अपने एक परिचित को घर भेजा तो उसने बताया कि बाहर से ताला लगा है। इसके बाद भी कोई जानकारी न होने पर संजीव ने उस परिचित को पड़ोसी के घर से अपने घर की छत पर चढ़ने के लिए कहा।

जब परिचित छत पर चढ़ा तो उसने अंदर से आवाजें आने पर शोर मचाया। इस पर करीब तीन बजे संजीव घर पहुंचे और ताला कारीगर को बुलाकर ताला कटवाया। पत्नी व बेटियों को बंधनमुक्त करने के बाद करीब पौने पांच बजे पुलिस को खबर दी। सूचना पर इलाका पुलिस के साथ-साथ एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ प्रथम, फील्ड यूनिट, सर्विलांस व एसओजी टीम भी पहुंच गई। देर रात तक परिजन से जानकारी जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज देखने व बदमाशों की तलाश के प्रयास जारी थे।

पहले सूचना 20 लाख की चोरी की, अब बताई 45 लाख की लूट
संजीव शर्मा ने पुलिस को जब पहली सूचना 112 दी तब उन्होंने 20 लाख के जेवर व घर के कागजात चोरी जाना बताया। मौके पर जब पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की तो 40 हजार नकद के अलावा पांच मंगलसूत्र, नौ अंगूठी सहित करीब 10 तोला सोने के जेवर, चांदी के जेवरात व चांदी के बर्तन आदि सहित कुल 45 लाख का माल जाने का उल्लेख किया है।

एक बार बेटी से छुड़ा दिया था टेप, फिर बांधा
बदमाशों ने जब घर में लूटपाट शुरू की तो राधिका ने किसी तरह अपने हाथ में बंधा टेप खोल लिया। जब बदमाश की नजर गई तो उसने फिर से उसके हाथ बांध दिए। बदमाशों के जाने के 15 मिनट बाद तीनों को होश तो आ गया मगर सख्ती से हाथ बंधे होने के कारण कोई खुद को खोल नहीं पाया।

तोड़ी गई अलमारी और ताला - फोटो : संवाद
खुद को खाना था खाना, बेटियों ने मंगाए थे समोसे
संजीव ने बताया कि जब वे पत्नी व बेटी को फोन कर रहे थे। तब उन्हें पत्नी से खाना तैयार होने के संबंध में पूछना था। उसी अनुसार वह खाना खाने घर जाते। इस दौरान बेटियों के मंगाने पर उन्होंने समोसे भी ले लिए थे जिन्हें लेकर वह घर पहुंचे थे।

बदमाश का छूट गया एक गमछा
बदमाशों ने मां बेटियों को बंधक बनाने व बेहोश करने के साथ साथ उनकी आंखों पर गमछे व शर्ट आदि डाल दी थी। इसी में एक बदमाश का गमछा भी घर में ही रह गया। जो पुलिस को परिजनों ने सौंपा है।

होली के बाद शहर में दूसरी सनसनीखेज वारदात
शहर में इस तरह परिवार को बंधक बनाकर लूट की इस वर्ष की यह दूसरी वारदात है। इससे पहले होली की धूल के दिन देहली गेट के घुड़ियाबाग के हाथरस वाला पेच इलाके में स्क्रैप कारोबारी के घर हैप्पी होली बोलकर घुसे बदमाशों ने बंधक बनाकर लूटपाट की थी। हालांकि उस घटना का इलाका पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से 24 घंटे में ही खुलासा कर दिया था। अब उसी तरह की इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
जलालपुर क्षेत्र की इस घटना में परिवार की पहली सूचना व मौके पर पहुंचने पर दी गई जानकारी में अंतर है। फिर भी परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार लूट को दर्ज कर खुलासे के लिए एसपी सिटी की अगुवाई में तीन टीमों को लगाया गया है। बदमाशों के पकड़े जाने पर सही तथ्य स्पष्ट होगा कि कितना माल गया है।-नीरज जादौन, एसएसपी
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घर के मोबाइल पर आखिरी बार आई मिस्ड कॉल से मिल रहा सुराग
लूट की जांच में जुटी पुलिस को सीसीटीवी व सर्विलांस के सहारे कुछ सुराग मिले हैं। बदमाशों के घर में घुसने के समय पर घर के एक मोबाइल नंबर पर एक मिस्ड कॉल है। मिस्ड कॉल वाले नंबर से इस लूट का सुराग जुड़ रहा है। जांच में उजागर हुआ है कि इस घर में कुछ समय पहले काम हुआ था। काम करने वाले के नंबर से बदमाशों के घर में प्रवेश करने के समय पर घर के मोबाइल पर मिस्ड कॉल पड़ी है। पुलिस उस नंबर के आधार पर उस नंबर धारक तक पहुंचने में जुट गई है।

सीसीटीवी की पड़ताल से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय उसे इलाके में किसी ने देखा तो नहीं। साथ में यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अगर वह इस घटना में शामिल नहीं है तो उसके नंबर से उसी समय मिस्ड कॉल क्यों आई। उससे पहले की कॉल डिटेल भी देखी जा रही हैं। कहीं वह पहले भी कॉल तो नहीं करता रहा। शुरुआत में कम माल की जानकारी देना और बाद में ज्यादा माल बताने पर भी परिजनों से क्रास सवाल किए जा रहे हैं। साथ में सवाल खड़ा हो रहा है कि जिस कमरे में बेटियों को बंधक रखा गया उसमें मोबाइल पड़ा मिला है लेकिन उसने उससे किसी को कॉल क्यों नहीं की। हालांकि बेटी का कहना है कि मोबाइल कहां पड़ा था उसे इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए वह कॉल नहीं कर पाई।

घटनाक्रम एक नजर में
-9:50 बजे मकान स्वामी ड्यूटी पर गए
-10:30 के बाद बदमाश घर में घुस गए
-11:45 के बाद बदमाश घर से निकले हैं
-3 बजे के करीब मकान स्वामी घर पहुंचा
-4:48 बजे पुलिस को पहली सूचना दी है
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