फर्जी पेटीएम एकाउंट बनाकर बेचने वाला साइबर हैकर एक नया सवाल भी छोड़कर गया है। वह फर्जी पेटीएम एकाउंटों की मदद से लाखों रुपये के फर्जी बिल जमा किया करता था। वह 28 दिसंबर को इसी सिलसिले में अलीगढ़ भी आया था। अब साइबर पुलिस टीम यह सवाल खड़े कर रही है कि आखिर सरकारी बिल फर्जी एकाउंट से क्यों जमा होते थे और अलीगढ़ वह किससे मिलने, कहां आया था।
साइबर टीम ने बृहस्पतिवार को जब उससे पूछताछ की तो सामने आया कि वह 28 दिसंबर को अलीगढ़ आया था। अब सवाल खड़ा हुआ कि वह कहां आया था तो उसे इलाका याद नहीं। हां, इतना बताया कि वह बिजली का बिल जमा करने संबंधी काम से आया था। साइबर टीम ने जब गहराई में पूछताछ की तो पता चला कि वह रोजाना 4 से 5 लाख रुपये के बिजली बिल फर्जी पेटीएम एकाउंटों की मदद से जमा करता था।
एक-एक बिल तीन-तीन लाख रुपये तक का जमा कर देता था। इसके पीछे क्या मंशा होगी, ये कौन सा बिल होता होगा, अलीगढ़ में वह किससे मिलने आया था, कहां आया था, कौन लोग यहां उसके संपर्क में हैं? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस को तलाशने हैं। इंस्पेक्टर साइबर थाना सुरेंद्र सिंह इतना ही बताते हैं कि जो भी तथ्य उससे मिले हैं, उनके अनुसार जांच की जा रही है। यह सही है कि वह अलीगढ़ आया था। मगर पूछताछ में उसने सही जानकारी नहीं दी है। इसे लेकर सर्विलांस की मदद से उसके संपर्क खंगाले जा रहे हैं। वहीं फर्जी एकाउंट से बिल जमा करने की वजह भी तलाशी जा रही है। बता दें कि साइबर टीम ने महाराजगंज के अफरोज को इस मामले में गिरफ्तार किया था और रिमांड पर लेकर उससे रिमांड पर पूछताछ की गई थी।