कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में जिले के सभी स्कूल कॉलेज पूरे सत्र नहीं खुले। इसके बावजूद जिले के 410 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का विद्युत बिल 1 करोड़ 83 लाख 30 हजार 812 रुपये आया है। हालांकि, यह तीन साल का बिल है। इस मामले में जांच के आदेश हो गए हैं। जांच की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत एवं ग्राम सचिवों को दी गई है।
कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 से लगा लाक डाउन लगभग पूरे साल ही चला। इस दौरान बंद हुए जिले के स्कूल-कालेज अब तक पूरी तरह नहीं खुले हैं। पिछले पूरे साल तो एक भी दिन स्कूल कालेज नहीं खुले। इसके बावजूद जिले के नौ ब्लाक के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पिछले तीन साल का विद्युत बिल करोड़ों का आने से हर कोई हैरान है। संदेह जताया जा रहा है कि कहीं विद्यालयों की बिजली का गलत इस्तेमाल तो नहीं किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत एवं सचिवों को दी गई है।
ब्लॉक वार विद्यालय एवं बिल
-खैर - 41 स्कूल - 2071710 रुपये
-टप्पल -72 स्कूल - 3550320 रुपये
-चंडौस-18 स्कूल -887580 रुपये
-लोधा-20 स्कूल -1084860 रुपये
-गोंडा-35 स्कूल -1898505 रुपये
-इगलास-19 स्कूल -1030617 रुपये
-अकराबाद-64 स्कूल -2437376 रुपये
-धनीपुर-31 स्कूल -1180604 रुपये
-गंगीरी-110 स्कूल -4189240 रुपये