फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू का आठवां मरीज सामने आया, एक की मौत

Thu, 07 Sep 2017 01:47 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू से पीड़ित बच्चे का इलाज करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार स्वाइन फ्लू का केस शहर के घनी आबादी वाली इलाके सराय हकीम से सामने आया है। यहां पर एक बच्चा स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाया गया है जिसे रामघाट रोड स्थित किलकारी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। दूसरी ओर स्वाइन फ्लू की दहशत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। वहीं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में स्वाइन फ्लू से अलीगढ़ के एक मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक अलीगढ़ निवासी महिला (62)  मरीज की मौत हुई है। 
विज्ञापन

सराय हकीम निवासी कौशल अग्रवाल के 8 वर्षीय बेटे वासु की तबियत कुछ दिन पहले खराब हुई। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसे किलकारी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां पर जांच में पाया गया कि उसे स्वाइन फ्लू है। इसके बाद उसका उपचार शुरू किया गया, जिसके बाद उसकी तबियत में सुधार हो रहा है। किलकारी हास्पिटल के डॉ. विकास मल्होत्रा ने बताया कि बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी टीम आई थी। टीम ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवा दी। पिछले एक महीने में स्वाइन प्लू के अब तक आठ मामले प्रकाश में आ चुके हैं। शनिवार को ही एक मरीज गोंडा के गांव कैथवारी निवासी माधव तोमर की स्वाइन फ्लू से ही मौत हो गई थी। ऐसे हालात में स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती इससे निपटने की है। 
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू (एचवन एनवन और एचथ्रीएनटू इन्फ्लूएंजा वायरस) श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाली बीमारी है। इसका वायरस श्वसन तंत्र प्रणाली को बुरी प्रभावित करता है। इसका वायरस म्यूटेट होता है जिसके कारण मनुष्यों में इसका संक्रमण तेजी से होता है। यह सूअरों से जेनरेट होने वाला वायरस है और हवा से हवा में तेजी से फैलता है। गंदगी में इसके प्रकोप के बढ़ने की संभावना और भी बढ़ जाती है। 
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू के लक्षण
डा. विकास मल्होत्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वैसे ही हैं जैसे अन्य इन्फ्लूएंजा के होते हैं। बुखार, कफ, चार पांच दिन से ज्यादा नाक बहना, थकान, सिरदर्द आदि इसके लक्षण हो सकते हैं।  स्वाइन फ्लू से सही होने में सात दिन तक लग जाते हैं। गंभीर मामलों में यह अवधि 10 दिन हो सकती है।  स्वाइन फ्लू के लक्षण उभरने से एक दिन पहले ही इसका वायरस दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।
शहर की गंदगी स्वाइन फ्लू फैलने के लिए अनुकूल
अब यह तय है कि स्वाइन फ्लू का वायरस शहर में आ चुका है।  शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे हुए गंदगी के ढेर स्वाइन फ्लू के लिए अनुकूल स्थितियां पैदा करते हैं। इसके अलावा कीचड़ से अटी पड़ी नालियां, गलियों में भरा गंदा पानी समस्या में और इजाफा करता है। जिला अस्पताल के सामने ही यहां पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। इसके अलावा शहर में हर प्रमुख स्थल पर एक कूड़ा का ढेर मौजूद रहता है। 
शहर का सबसे मुख्य व्यवसायिक स्थल सेंटर प्वाइंट माना जाता है। लेकिन यहां पर पुलिस बूथ से कुछ ही दूरी पर बड़ा कूड़े का ढेर रहता है। मैरिस रोड पर एएमयू के अब्दुला स्कूल के बराबर ही कूड़े का बड़ा प्वाइंट है। जबकि यहां पर दो स्कूल और हैं। छुट्टी के समय बच्चे यहीं पर सांस लेते हैं और वाहनों का इंतजार करते हैं। इसके अलावा केला नगर, मसूदाबाद चौराहा, बस स्टैंड गांधी पार्क, रेलवे रोड, समद रोड, रामघाट रोड, दोदपुर, बारहद्वारी, देहली गेट, कनवरी, गंज, अब्दुल करीम चौराहा, सब्जी मंडी चौराहा आदि ऐसे इलाके हैं जहां पर यही समस्या है। 
ख्वाजा चौक और सिविल लाइन में गंदा पानी
देहलीगेट क्षेत्र के अल्पसंख्यक क्षेत्र ख्वाजा चौक में गंदा पानी भरा है। इसी पानी से होकर पाइप लाइनें आ रही हैं। लीकेज होने की स्थिति में गंदा पानी आपूर्ति हो जाता है। इसी तरह सिविल लाइन क्षेत्र के     दोदपुर के मुख्य बाजार में गंदे नाले में लगे नल से लोग पानी पीने को मजबूर हैं।
स्वाइन फ्लू यहां कर सकता है आसानी से वार
स्वाइन फ्लू का वायरस 2009 में मैक्सिकों में देखा गया था। चूंकि यह सूअरों से जेनरेट होने वाली बीमारी है, इसलिए अंजाजा लगाया जा रहा है कि सराय हकीम जैसे इलाके आसानी से इनकी चपेट में आ सकते हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में रसलगंज वाल्मीकि बस्ती, सराय हकीम, नई बस्ती, शिव मैया रोड सीमा फाटक, खटीकों वाला चौराहा जीटी रोड, शीशिया पाड़ा, अचल ताल वाल्मीकि बस्ती, गंभीरपुरा, समना पाड़ा, सराय गढ़ी वाल्मीकि बस्ती, सराय पठान, सासनी गेट वाल्मीकि बस्ती, सराय पीतांबर वाल्मीकि बस्ती, दुर्गापुरी, गोवर्धन कूचा, लड़िया पीली कोठी, नुनेर गेट, तुर्कमान गेट वाल्मीकि बस्ती, बाबरी मंडी वाल्मीकि बस्ती, सराय मियां वाल्मीकि बस्ती, रोरावर, नगला मसानी वाल्मीकि चौक, निरंजनपुरी गौशाला आदि ऐसे इलाके हैं जहां पर सूअरों की आबादी है। नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार इन मोहल्लों में कुल 1300 के आसपास सूअर हैं।  

स्वाइन फ्लू से बचाव
- सबसे पहले अगले दो महीनों तक हाथ मिलाकर अभिवादन करना बंद कर दें, नमस्ते से काम चलाएं। हाथों से यह वायरस फैलता है। 
- वाहन चलाने के बाद, या कोई भी काम करने के बाद हाथ धोएं। हाथ धोने से स्वाइन  फ्लू का खतरा काफी कम हो जाता है
- घर में कपूर जलाएं। कपूर हवा को प्राकृतिक तौर पर साफ करता है। बिना किसी प्रयोजन के हवन सामग्री भी जला सकते हैं। 
- घर के अंदर कीटनाशक का प्रयोग करें। साफ सफाई का बेहद ध्यान रखें। भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। 

‘स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। टैमी फ्लू की पर्याप्त दवा जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। 24 घंटे वह स्वाइन फ्लू की दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराने को तैयार हैं।  - डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें