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Bakrid: प्रशासन की सख्ती से भड़के नमाजी, अलीगढ़ ईदगाह आने से नमाजियों को रोकने पर हंगामा, खफा हुए शहर मुफ्ती

Thu, 28 May 2026 12:46 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने हंगामे के बाद कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति से बचने के लिए ही अलीगढ़ में दो बार में नमाज कराने की व्यवस्था कराई है। इस पर भी अगर प्रशासन को परेशानी होती है तो वह खुद इंतजाम करें।
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ईदगाह पर विरोध दर्ज कराते नमाजी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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अलीगढ़ के शाहजमाल ईदगाह में 28 मई सुबह बैरिकेडिंग लगा कर नमाजियों को आने से रोकने पर हंगामा हो गया। अकबरी मस्जिद वाले रास्ते पर पानी की टंकी के पास बैरिकेडिंग लगाकर नमाजियों को रोक दिया गया। पुलिस प्रशासन का तर्क था कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने से रोकने के लिए एहतियातन ऐसा किया गया था। वहीं, इसके विरोध में ईदगाह के अंदर मौजूद हजारों लोगों ने नमाज पढ़ने से इन्कार कर दिया और उठकर चलने लगे। इसकी खबर ईदगाह कमेटी से प्रशासन तक पहुंची तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बिगड़ी बात को संभाला गया। इससे नमाज देरी से शुरू हो सकी।

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दरअसल, पुलिस प्रशासन ने सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने से रोकने के लिए सुबह ही अकबरी मस्जिद वाले रास्ते पर पानी की टंकी के पास जबरदस्त बैरिकेडिंग कर दी थी। ईदगाह में पहली नमाज का समय सुबह 6.15 बजे तय था, लेकिन नमाजियों को छह बजे ही रोक दिया गया। ईदगाह के दाहिनी ओर बने दो दरवाजों को भी बंद करा दिया गया। जिससे सराय मियां, जंगलगढ़ी, तुर्कमान गेट, एडीए कॉलोनी शाहजमाल और रोरावर के हजारों लोग ईदगाह नहीं पहुंच पाए।
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इसकी खबर मिलते ही ईदगाह के अंदर मौजूद लोगों ने नमाज पढ़ने से मना कर दिया। लोगों ने कहा कि अगर रास्ता बंद रहता है तो वह भी नमाज नहीं पढ़ेंगे। हंगामा शुरू हो गया। ईदगाह कमेटी ने इसकी खबर प्रशासनिक अधिकारियों को देकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अफसरों ने बैरिकेडिंग खोलकर कुछ लोगों को अंदर जाने दिया। सुबह 6.15 बजे होने वाली नमाज 6.35 बजे शुरू हो सकी। शहर मुफ्ती खालिद हमीद भी इससे खासे खफा हुए। वह पहली नमाज होने के बाद ही वहां से घर चले गए। इस व्यवधान के कारण नमाज से पहले का खुतबा जल्द पूरा किया गया। शहर मुफ्ती ने नमाज पढ़वा रहे इमाम कारी सागिल से खुतबे की रस्म अदायगी जल्द पूरी कर नमाज पढ़ाने को कहा, ताकि दूसरी नमाज भी जल्द हो सके। इमाम कारी सागिल ने जल्द नमाज पढ़वाई।

लगाई गई बैरिकेडिंग - फोटो : वीडियो ग्रैब
इस हंगामे के कारण दूसरी नमाज भी देरी से हुई। दूसरी नमाज का समय सुबह सात बजे तय था, जो सुबह 7.30 बजे शुरू हुई और लगभग आठ बजे पूरी हो सकी। व्यवधान के कारण नमाजियों में प्रशासनिक इंतजाम को लेकर चर्चाएं होती रहीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि दशकों में पहली बार इस तरह का वाकया हुआ है, जिससे कष्ट हुआ है।

हंगामा होते ही बिजली गुल, माइक बंद
हंगामा शुरू होते ही शहर मुफ्ती खालिद हमीद लोगों को समझाबुझा कर शांत करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी लोग नमाज पढ़कर ही जाएं। इसी बीच बिजली चली जाने से माइक की आवाज बंद हो गई और वह अपनी पूरी बात नहीं कर सके। हंगामा शुरू होने से पहले वह बकरीद में होने वाली कुर्बानी की कहानी और इसका महत्व बयां कर रहे थे।

शहर मुफ्ती बोले- शांति के लिए दो नमाज की व्यवस्था की गई
शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने हंगामे के बाद कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति से बचने के लिए ही अलीगढ़ में दो बार में नमाज कराने की व्यवस्था कराई है। इस पर भी अगर प्रशासन को परेशानी होती है तो वह खुद इंतजाम करें।
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खफा हुए शहर मुफ्ती - फोटो : वीडियो ग्रैब
नायब मुफ्ती के नहीं आने की चर्चा
शाहजमाल ईदगाह की नमाज में नायब शहर मुफ्ती आयूब खान के नहीं आने की भी चर्चा होती रही। उन्होंने टनटनपाड़ा स्थित रहीम मस्जिद में बकरीद की नमाज पढ़वाई। उन्होंने बताया कि लगभग 82 वर्षीय इमाम कारी सागिल को इस बार शाहजमाल में ईदगाह की नमाज पढ़वाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें टनटनपाड़ा में नमाज पढ़ानी थी, इसलिए वह वहीं पर थे। यह पहले से ही तय हो गया था।

60 कैमरों और ड्रोन से हुई निगरानी
शाहजमाल ईदगाह पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके लिए नगर निगम की ओर से वहीं पर एक कंट्रोल रूम बनवाया गया था। इस कंट्रोल रूम से लगभग 60 कैमरों का नेटवर्क जोड़ा गया था। जिससे आसपास के पूरे इलाके में निगरानी की गई थी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी निगाह रखी गई। आरएएफ की टुकड़ी भी यहां मुस्तैद रही।
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