अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक में प्रॉक्टर डॉ. एम आसिफ खान पर राष्ट्रपति द्वारा नामित ईसी सदस्य एवं पूर्व सांसद (राज्य सभा) सैयद वसीम अहमद ने गाली-गलौज करने एवं मारने दौड़ने का आरोप लगाया है। वहीं प्रॉक्टर ने मारने दौड़ने एवं गाली-गलौज करने से इंकार किया है। एएमयू रजिस्ट्रार ने अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अमुटा सचिव एस. मुस्तफा जैदी को लेकर मंगलवार को एएमयू ईसी की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। अमुटा सचिव पर आरोप है कि वह 13 अक्तूबर को अपने विभाग लाइब्रेरी एवं इनफारमेशन साइंस में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने औचक निरीक्षण में स्वयं उन्हें अनुपस्थित पाया था। बताते चलें कि उसी दिन कुलपति के खिलाफ अमुटा द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया था। आरोप यह भी है कि 16 अक्तूबर को कुलपति ने मुस्तफा जैदी को विभाग के चेयरमैन के साथ कार्यालय में बुलाया था और उस दिन अमुटा सचिव ने कुलपति के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसी मसले को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी।
राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य सैयद वसीम अहमद एवं केमिकल इंजीनियरिंग के एक प्रोफेसर इस बैठक में अमुटा सचिव के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहूे थे। इसी दौरान ईसी में जमकर हंगामा हुआ।वसीम अहमद ने आरोप लगाया है कि प्रॉक्टर डॉ. एम आसिफ खान ने बैठक में उनके साथ गाली-गलौज की और मारने दौड़े। वसीम अहमद का कहना है कि एएमयू में कई लोग क्रिमिनल बैकग्राउंड के आ गए हैं और लोकतांत्रिक तरीके का विरोध भी बर्दाश्त नहीं कर रहे।
इधर प्रॉक्टर डॉ. एम आसिफ खान ने गाली-गलौज एवं मारने दौड़ने के आरोप से इंकार किया है। उनका कहना है कि जैसे कि ईसी में बहस एवं काउंटर बहस होती है वैसा ही हुआ। दूसरी ओर एएमयू रजिस्ट्रार डॉ. असफर अली खां ने अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुस्तफा जैदी को 23 अक्तूबर तक नोटिस का जवाब देना है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में एएमयू पीआरओ का कहना है कि ईसी बैठक में अंदर क्या हु़आ, जानकारी नहीं है, क्योंकि ईसी की बैठक में वे नहीं होते है।