रामघाट रोड पर सड़क से उठती धूल में होकर गुजरते वाहन सवार
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अलीगढ़ शहर में 38वीं वाहिनी पीएसी के सामने सड़क पर दिन भर उड़ने वाली धूल राहगीरों की आंखें बंद कर रही है। स्थिति यह है कि दोपहिया वाहन चालक तो अपनी बाइक या स्कूटी रोककर आंखों को रगड़ते देखे जा सकते हैं। आंखों में इतनी धूल भर जाती है कि वह आंख आसानी से खोल भी नहीं पाते हैं। लेकिन जिम्मेदार हैं कि शहर की इस बड़ी समस्या का निदान नहीं कर रहे।
लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली इस सड़क की दशा पिछले तीन साल से खराब है। जलनिकासी न होने के चलते बारिश का पानी सड़क पर आ जाता है और गिट्टियां उखड़ने लगती हैं। 100 मीटर सड़क पर गड्ढे और धूल के गुबार में चलना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों विभाग ने सड़क को दुरुस्त कराया था, लेकिन बारिश से सड़क फिर गड्ढे में तब्दील हो गई। धूप की वजह से मिट्टी और बालू सूख गए हैं, वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ने लगती हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता योगेश कुमार ने बताया कि जल्द ही सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
सड़क पर धूल है और मौसम में नमी है। इससे दो साल से कम आयु के बच्चों के सांसों में दिक्कतें आ रही हैं। बच्चों को धूल से बचाना चाहिए।-डॉ. विकास मेहरोत्र, बाल रोग विशेषज्ञ
आंखों में धूल आने से जलन, खुजली, लालपन और पानी आना शुरू हो सकता है। धूल से आंखों में एलर्जी या कंजक्टिवाइटिस (आंख आना) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक संपर्क से कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है।-डॉ. मोहम्मद साकिब, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जेएन मेडिकल कॉलेज
धूल में बहुत सूक्ष्म कण होते हैं, जो फेफड़ों पर असर डाल सकते हैं। सांस की नलियों को उत्तेजित करती है जिससे दौरे शुरू हो सकते हैं। लंबे समय तक धूल में रहने से सांस की नलियों में सूजन आ सकती है। फेफड़ों की पुरानी बीमारी लोगों की हालत और बिगड़ सकती है।-प्रो. मोहम्मद शमीम, चेयरमैन, क्षय रोग विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज