अलीगढ़ के 30 थानों में भारी संख्या में कंडम वाहन खड़े हैं। विशेष रूप से हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्थित थानों की स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है, जहां आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण वाहनों को रखने की जगह कम पड़ जाती है।
अलीगढ़ जिले के थाना परिसरों में अब दुर्घटनाग्रस्त और सीज किए गए वाहनों का अंबार नजर नहीं आएगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर लोधा क्षेत्र में आधुनिक डिटेंशन सह डंपिंग यार्ड बनाया जाएगा। लगभग 4065 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में इस यार्ड के निर्माण पर 2.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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इस परियोजना के लिए शासन की ओर से 2.54 करोड़ रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उत्तर प्रदेश जल निगम) को सौंपी गई है। इस यार्ड के तैयार होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में क्षतिग्रस्त वाहनों, पुलिस द्वारा सीज की गई गाड़ियों और लावारिस वाहनों को सुरक्षित ढंग से एक ही स्थान पर व्यवस्थित रखा जा सकेगा।
वर्तमान में जिले के 30 थानों में भारी संख्या में कंडम वाहन खड़े हैं। विशेष रूप से हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्थित थानों की स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है, जहां आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण वाहनों को रखने की जगह कम पड़ जाती है। लोधा में बनने वाले इस डंपिंग यार्ड से न केवल थानों को नई जगह मिलेगी, बल्कि वाहनों के रखरखाव और उनकी नीलामी जैसी कानूनी प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता और सुगमता आएगी।
जिस भूखंड पर यह यार्ड बन रहा है उसका प्रवेश द्वार वाला हिस्सा 25 फीट चौड़ा है। यहां पर सभी थानों और अन्य स्थानों के वाहनों को सुरक्षित तरीके से रखा जा सकेगा। पैसा भी आ गया है, जल्द ही इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।- गिरीश कुमार, परियोजना प्रबंधक, सीएनडीएस